बदायूं। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में भारी बारिश के बीच बाढ़ खंड और प्रशासन की ओर से जिले में अलर्ट कर दिया गया है। आशंका जताई जा रही है कि बुधवार शाम तक गंगा खतरे के निशान को पार कर जाएगी। कछला में मीटरगेज पर खतरे का निशान 162 सेमी है। फिलहाल गंगा 161.120 सेमी पर हैं।
गंगा में एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आने पर बाढ़ के हालात पैदा होते हैं। सहसवान, उसहैत के तटवर्ती गांव सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश के बीच मंगलवार को हरिद्वार से गंगा में 3.25 क्यूसेक तो बिजनौर से 1.20 लाख और नरौरा से 31 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया। बिजनौर से छोड़ा गया पानी बुधवार और हरिद्वार से छोड़ा गया पानी बृहस्पतिवार शाम तक सहसवान होते हुए बदायूं पहुंचने का संभावना जताई जा रही है। अगर एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आता है तो हालात बिगड़ सकते हैं।
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए एडीएम वित्त एवं राजस्व नरेंद्र बहादुर सिंह ने संबंधित एसडीएम और तहसीलदारों के साथ बाढ़ खंड को निर्देशित किया है। बुधवार शाम को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के पार हो जाएगा। बृहस्पतिवार को और ज्यादा पानी आने के कारण हालात ज्यादा खराब हो सकते है। ऐसे में सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट रहने के लिए निर्देश दिए गए हैं। सहायक अभियंता बाढ़ खंड नरेशपाल सिंह ने बताया कि उसहैत, गंगास-महावा और जोरी नगला बांधों पर अभी से सतर्कता बढ़ा दी गई है। तटवर्ती गांवों में ग्रामीणों को सचेत कर दिया गया है।