फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

माघ पूर्णिमा पर गंगातट पर उमड़ा आस्था का सैलाब

विज्ञापन
कछला गंगाघाट पर स्नान को जुटे श्रद्धालु। संवाद - फोटो : BADAUN
विज्ञापन
उझानी/कछला (बदायूं)। माघ पूर्णिमा पर बुधवार को कछला गंगाघाट आस्था से सराबोर हो उठा। आस्था की डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया और फिर पूजा की। कन्याओं समेत संतों को भोज कराया गया। बच्चों ने खेल-तमाशों का लुत्फ उठाया। इस दौरान घाट पर चारों ओर हर-हर गंगे गूंजता रहा। अनुमान है कि यहां करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
विज्ञापन

धार्मिक कार्यक्रमों और विशेष आयोजनों के लिए खास महत्व रखने वाले माघ महीने के अंतिम दिन पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान शुरू हुआ। तड़के संत-महात्माओं ने डुबकी लगाई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने स्नान शुरू किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने सबसे पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। घाट पर ही उन्होंने पूजा-अर्चना भी की। कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर सर्वाधिक भीड़ नजर आई। हाथरस, आगरा, मथुरा और राजस्थान के श्रद्धालुओं ने भी स्नान कर पूजन किया। बदायूं जिले में आसपास के कस्बों से भी श्रद्धालु पहुंचे। ट्रेक्टर-ट्रॉलियों से निकलीं देहात क्षेत्र की महिलाओं ने मंगलगीत गाए। घाट के पास के आश्रमों में धार्मिक अनुष्ठान हुए। संतों ने मंत्रोच्चार के बीच आश्रमों में पूजन कराया। आचार्य प्रवीण महाराज ने बताया कि माघ महीने में प्रत्येक दिन स्नान के बाद पूजन करने वाले अगर अंतिम दिन गंगा स्नान करें तो उन्हें विशेष पुण्य मिलता है। इसके अलावा घाट पर लगे मेले में भी खासी भीड़ रही। बच्चों ने खेल-तमाशों का लुत्फ उठाया। खानपान की वस्तुओं का भी आनंद लिया।
काफी देर बाद मिले परिवार से गुम दो बच्चे
गंगाघाट पर भारी भीड़ उमड़ने की वजह से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। कासगंज जिले में सोरों निवासी धर्मपाल के परिवार के दो बच्चे सुबह नौ बजे बिछुड़ गए। परिवार की महिलाओं समेत धर्मपाल ने दोनों की खोजबीन शुरू कर दी। पुलिस कर्मियों को भी अवगत कराया गया। दोपहर में दोनों बच्चे पुल के पास एक दुकान पर बैठे मिले तो परिवार के लोगों ने राहत महसूस की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें