कछला में आस्था की डुबकी लगाने के बाद घाट पर पूजन करते श्रद्धालु। संवाद
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उझानी/कछला (बदायूं)। मकर संक्रांति पर शुक्रवार को कछला गंगाघाट पर दोपहर बाद तक दान-पुण्य किया गया। कड़ाके की ठंड में पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पहले आस्था की डुबकी लगाई फिर सूर्यदेव की स्तुति की। घाट पर ही पूजन के बाद पुरोहितों और ब्राह्मणों को दान दिया गया। आश्रमों में भी श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने हवन कराकर संतों का आशीर्वाद पाया। कन्याओं को भोजन भी कराया गया।
गंगाघाट पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला तड़के से ही शुरू हो गया। ठंड ज्यादा होने की वजह से असर आस्था पर दिखा लेकिन जो श्रद्धालु पहुंचे, उन्होंने गंगा स्नान करके सूर्यदेव को अर्घ्य देकर स्तुति की। गंगा आरती के बाद पूजन के दौरान मंत्रोच्चार किया गया। कई परिवार के लोगों ने पुरोहितों के जरिये पूजन कराया। संतों के आश्रमों में धार्मिक अनुष्ठान कराए गए। आश्रमों में संतों और गंगाघाट के दोनों कुष्ठ आश्रम में भोजन सेवा की गई। महिलाओं ने आश्रमों में सत्संग किया। संकीर्तन में भजन गूंजते रहे। कड़ाके की ठंड के मद्देनजर घाट पर नगर पंचायत की ओर से अलाव भी जलवाए गए। दुकानदारों ने श्रद्धालुओं के बैठने और कपड़े बदलने के लिए व्यवस्था की। घाट पर स्थित दुकानों पर बच्चों ने खानपान का लुत्फ उठाया।
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आसपास थानों का पुलिस फोर्स भी रहा मुस्तैद
उझानी। मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ जुटने की संभावना के तहत कोतवाली पुलिस की ओर से गंगाघाट पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को बुलवा लिया। वितरोई मोड़, कछला चौराहा और गंगाघाट पर मुजरिया, कादरचौक और बिल्सी थाने के पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था लेकिन भीड़भाड़ कम रहने से पुलिस को ज्यादा इंतजाम नहीं करने पड़े। यहां तक नावों पर गोताखोर बैठे ही रहे। संवाद