बदायूं। गंगा, रामगंगा के संवेदनशील गंगा-महावा, चंदनपुर-हुसैनपुर, उसहैत और जोरी नगला तटबंधों की मरम्मत का काम बाढ़ से पहले कर लिया जाएगा। शासन ने इसके लिए 30 करोड़ के बजट की स्वीकृति दे दी है। बाढ़ खंड ने स्थानीय स्तर पर तटबंधों की मरम्मत और उच्चीकरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। तटबंधों का उच्चीकरण होने के बाद गंगा और रामगंगा के तटवर्ती करीब सौ गांवों को बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी।
गंगा और रामगंगा हर वर्ष बाढ़ के मौसम में तटवर्ती गांवों में तबाही मचाती हैं। बाढ़ खंड डिवीजन बदायूं में गंगा-महावा, चंदनपुर-हुसैनपुर, उसहैत और जोरी नगला तटबंधों के आस-पास बसे करीब 50 गांवों बेहद संवेदनशील श्रेणी में हैं। इसके साथ ही आसपास के 150 से ज्यादा गांव हर वर्ष बाढ़ का दंश झेलते हैं। पिछले वर्ष बाढ़ के मौसम में गंगा और रामगंगा के जलस्तर ने दस साल का रिकार्ड तोड़ दिया था।
इस दौरान गंगा-महावा, चंदनपुर-हुसैनपुर, उसहैत और जोरी नगला तटबंधों को खतरा पैदा हो गया था। बाढ़ से बचाव के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण यह सभी तटबंध कटान के कारण क्षतिग्रस्त होने से संवेदनशील श्रेणी में पहुंच गए थे।
बाढ़ खंड डिवीजन बदायूं ने गंगा और रामगंगा पर बने इन तटबंधों की मरम्मत और उच्चीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। पिछले वर्ष बाढ़ की सभी सूचनाएं और भविष्य में हालात बेकाबू होने पर खतरे के बारे में भी बताया गया था। मुख्य अभियंता बाढ़ खंड ने परीक्षण के बाद तटबंधों की मरम्मत और उच्चीकरण को स्वीकृति दे दी। शासन की ओर से भी इसके लिए 30 करोड़ का बजट स्वीकृत कर दिया गया है। बाढ़ का मौसम शुरू होने से पहले तटबंधों की मरम्मत और उच्चीकरण का काम कर लिया जाएगा।
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भुंडी तटबंध बनने से सुरक्षित हुए 50 से ज्यादा गांव
शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र के कादरचौक में गंगा पर भुंडी तटबंध का निर्माण होने के बाद इस इलाके में 50 से ज्यादा गांव सुरक्षित हो चुके हैं। पिछले वर्ष ही 22 करोड़ की लागत से भुंडी तटबंध का काम पूरा कर लिया गया था। बाढ़ के दौरान नए बनाए गए इस तटबंध में भी कुछ स्थानों पर नुकसान हुआ था। बाढ़ खंड ने भुंडी तटबंध पर भी बाढ़ से पहले काम पूरा कराने की तैयारी शुरू कर दी है। भुंडी तटबंध का फायदा पिछले वर्ष ही क्षेत्र के गांवों को मिलने लगा था।
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शासन ने चार परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें गंगा-महावा, चंदनपुर-हुसैनपुर, उसहैत और जोरी नगला तटबंधों की मरम्मत और उच्चीकरण का काम शामिल है। इस कार्य को 30 करोड़ से पूरा कराया जाएगा। पिछले वर्ष आई भयंकर बाढ़ के कारण इन तटबंधों को काफी नुकसान पहुंचा था। तटबंधों का काम पूरा होने के बाद बेहद संवेदनशील श्रेणी में शामिल गंगा और रामगंगा के करीब 50 गांव बाढ़ से काफी हद तक सुरक्षित हो जाएंगे।
-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड