गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद उसहैत में कटान रोकने को लगाए जा रहे बालू भरे बोरे। संवाद
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बदायूं। गंगा खतरे के निशान से 54 सेमी पर ऊपर पहुंच गई है। इसके साथ ही तटवर्ती इलाकों में कटान तेज हो गया है। गंगा के तटवर्ती गांवों में पानी घुसने का खतरा भी पैदा हो गया है। रविवार को नरौरा बैराज से गंगा में 91788 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस दौरान कछला में गंगा का जलस्तर मीटरगेज पर 162.540 हो गया।
लगातार बारिश के कारण नरौरा बैराज से गंगा में अब ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। तीन दिन में गंगा के जलस्तर में 54 सेमी तक का इजाफा हुआ है। सोमवार को इससे भी ज्यादा पानी आने का अनुमान है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से उसहैत और गंगा-महावा बांध पर कटान हो रहा है। उसहैत बांध को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। जसवंत नगला, अहमदनगर बछौरा, जटा, ठकुरी नगला में एक बार फिर से हालात संवेदनशील होने लगे हैं। अगर लगातार दो दिन तक गंगा में एक लाख या उससे ज्यादा पानी आता है तो तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी घुसने का खतरा पैदा हो जाएगा।
रविवार को गंगा में बिजनौर से 1.43 लाख और हरिद्वार से 99 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बिजनौर से छोड़ा गया पानी सोमवार शाम तक नरौरा पहुंच जाएगा। इसके बाद नरौरा से एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़े जाने पर गंगा में रविवार के मुकाबले सोमवार को ज्यादा उफान आएगा।
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गंगा के जलस्तर में इजाफा हुआ है। रविवार को गंगा खतरे के निशान से 54 सेमी ऊपर पहुंच गई है। उसहैत बांध पर संवेदनशील स्थिति है। यहां निगरानी के साथ कटान रोकने के उपाय किए जा रहे हैं। फिलहाल हालात सामान्य हैं।
-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड