14 से 16 तक चलेंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
ककोड़ा मेले में हर साल जिला पंचायत की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं। इस बार 14 नवंबर से मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन शुरू हो जाएगा। इस दौरान यहां कठपुतली का खेल दिखाया जाएगा।
गंगा में न करें मूर्ति का विसर्जन
जिला प्रशासन ने गंगा को प्रदूषित होने से बचाने के लिए निर्देश दिए हैं। ऐसे में लोगों को गंगा में किसी भी पूजन सामग्री, मूर्ति आदि का विसर्जन नहीं करने दिया जाएगा। विसर्जन के लिए गंगा तट पर गड्ढे खोद दिए जाएंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से इसमें सहयोग की अपील की है।
10 सेक्टर में बसाया जाएगा ककोड़ा मेला
ककोड़ा मेला इस साल 10 सेक्टरों में बसाया जाएगा। जिला पंचायत की ओर से हर सेक्टर का एक प्रभारी नियुक्त किया गया है। उन्हें अपने-अपने सेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा पूरे मेले का एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन सेक्टरों में पेयजल, शौचालय और सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी सेक्टर प्रभारियों की होगी।
मेले में बनेंगी 10 पुलिस चौकी
ककोड़ा मेला में एक कोतवाली बनाई गई है। वहीं 10 चौकियां बनाई जाएंगी। कोतवाली बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है। वहीं प्रत्येक पुलिस चौकी पर चार-पांच सिपाहियों और दरोगा को तैनात किया जाएगा। कोतवाली का चार्ज वेदपाल सिंह को दिया गया है। उन्होंने मेला स्थल पर निगरानी को शुरू कर दिया है।
50 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
जिला पंचायत ने सुरक्षा के मद्देनजर 50 सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हर प्रमुख जगहों पर कैमरे लगाए जाएं। साथ ही उनके व्यू का भी ध्यान रखें। ताकि वहां पर सुरक्षा की दृष्टि से सब कुछ स्पष्ट दिखाई दे।
गंगा तट पर तैनात किए गए 30 गोताखोर
गंगा घाट पर जिला पंचायत की ओर से 30 गोताखोर लगाए गए हैं। इन गोताखोरों के नाम और मोबाइल नंबर की सूची गंगा घाट पर चस्पा कराई गई है। जरूरत के अनुसार लोग संपर्क कर उन्हें बुला सकेंगे। इनकी यूनिफार्म भी अलग करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पता चलता रहे कि गोताखोर कौन है। सभी गोताखोरों को आईकार्ड भी जारी करने को कहा गया है।