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Budaun News: रामगंगा की बाढ़ में डूबी दातागंज क्षेत्र की पांच हजार बीघा फसलें

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नगरिया खनू में भरा पानी। संवाद
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दातागंज। रामगंगा की बाढ़ से करीब पांच हजार बीघा खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो गईं। किसानों में भारी नुकसान हुआ है। नष्ट हुई फसलों में उर्द, मूंग व बाजरा की हैं।
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धान केवल वही नष्ट हुई है, जो बाढ़ में पूरी तरह डूब गई हैं। अगर बारिश होती है तो धान बच सकता है। बारिश से धान की फसल पर लिपटी बाढ़ की मिट्टी साफ हो जाएगी और फसल बच सकती है। एक सप्ताह से दातागंज में रामगंगा की बाढ़ ने कहर बरपा रखा है। गत वर्ष भी रामगंगा ने सैकड़ों बीघा खेतों में खड़ी फसल नष्ट कर दी थी। इस सीजन में भी किसानों को अपनी फसलों से हाथ धोना पड़ा है। करीब पांच हजार बीघा खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हुई हैं। हालांकि सर्वे हो रहा है।
बाढ़ चौकी हजरतपुर और नगरिया खनू क्षेत्र में भी फसलें बर्बाद
नगरिया खनू के पूर्व प्रधान श्रीकृष्ण सिंह ने बताया कि उनके गांव के किसानों की करीब 500 बीघा फसल बर्बाद हुई है। कुंडरा मजरा के प्रधान तपन सिंह ने बताया कि उनके गांव में छह मजरे हैं। उनके गांव में सभी मजरों समेत खेती के रकबे में 600 बीघा फसलें तबाह हो गई हैं। नवादा बदन के दुष्यंत और प्रधान भानु प्रिया ने बताया कि उनके गांव के रकबा में 700 बीघा है। इसी प्रकार लालपुर खादर के विवेक सिंह के अनुसार 600 बीघा, शेरपुर के वीरपाल के अनुसार 600 बीघा और उनकी 100 बीघा फसल नष्ट हुई हैं। हर्रामपुर के जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र सिंह के अनुसार, गांव की 600 बीघा फसलें, नौनी टिकन्ना के प्रधान चंद्रपाल माथुर के अनुसार 500 बीघा फसलें, मौसमपुर जरतौली और इसके मजरा सिमरिया, सखतपुर, मौसमपुर, जरतौली में करीब 700 बीघा और बिहारीपुर की करीब 200 बीघा खेतों की फसलें नष्ट हो गई हैं।
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किसानों का भारी नुकसान हुआ है। सर्वे कराया जा रहा है। किसानों को सर्वे के बाद नुकसान के हिसाब से मुआवजा दिलाया जाएगा। -धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम, दातागंज
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