बदायूं। शहर से बिसौली को जाने वाले परिवहन निगम की बसे आठ बजे के बाद बंद हो जाती हैं। उसके बाद चंदौसी और बिसौली जाने वाले लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। इसके लिए उन्हें ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
शहर से शाम को आठ बजे के बाद बिसौली जाना है तो आपको जेब ढीली करनी पड़ेगी। टेंपो वाले दो सौ रुपये में बिसौली तक ले जाते हैं। रास्ते की सवारी सौ से 150 रुपये में भी बैठाते हैं। इसके अलावा दातागंज, कुंवरगांव, बिल्सी, कादरचौक आदि रूटों का भी यही हाल है। जिले के अधिकांश मार्ग ऐसे हैं, जिन पर डग्गामार वाहन ही सहारा हैं। देहात के लोगों को रोडवेज बसों की सुविधा नहीं मिल रही है। क्षेत्र के करीब 30 किलोमीटर के दायरे में स्थित आंवला रोड, दातागंज, बिल्सी, ककराला, कादरचौक मार्ग पर रोडवेज बस नाम मात्र की ही संचालित की जा रही हैं। बिसौली रूट के अलावा सभी मार्गों पर 30 रुपये किराये की जगह दो सौ रुपये देने होते हैं।
बोले यात्री
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बरेली से लौटने में देर हो गई। आठ बजे अंतिम बस जाती है, वह निकल गई। अब तो डग्गामार वाहन का ही सहारा है। टेंपो चालक मनमाने रुपये वसूल करते हैं। वजीरगंज तक बस का किराया 30 रुपये है, लेकिन टेंपो चालक दो रुपये मांग रहे हैं।- रामपाल, वजीरगंज
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- आठ बजे के बाद बस न मिलने से हर रोज परेशानी होती है। इस रूट की आखिरी बस आठ बजे की है। लोगों को टेंपो से सफर करना पड़ता है।यहां से बिसौली जाना है, अब टेंपो वाला चार सौ रुपये मांग रहा है। जबकि बस का किराया 90 रुपये है। - अजमत, बिसौली
कोट,
- आठ बजे दिल्ली के लिए बस है। वह बिसौली चंदौसी, संभाल होकर दिल्ली जाती है। इस बस का भी लोड फैक्टर सही नहीं है। आठ बजे के बाद बिसौली या चंदौसी के लिए यात्री न मिलने से बस कर संचालन नहीं किया जा रहा है। - राजेश पाठक, एआरएम
अजमत।