गन्ना की पेराई कम दिखाई
कमेटी के प्राइमरी जूस के विश्लेषण और मिल मशीनों के भौतिक सत्यापन के आधार पर रिकवरी पांच फीसदी होनी चाहिए। इसके अनुसार गणना करने पर गन्ने की पेराई 24.40 लाख क्विंटल का अनुमान है। जो दर्शाये गए आंकड़ों से 573 लाख क्विंटल ज्यादा है। इससे माना जा रहा है कि चीनी मिल ने जानबूझकर शीरा का उत्पादन अधिक दिखाया और गन्ना की पेराई कम दिखाई।
चीनी मिल प्रबंधन जान बूझकर वास्तविक आंकड़ें छिपा रहा था और गन्ना खरीद, पेराई समेत सभी मामलों में फर्जीवाड़ा करते हुए राजस्व का नुकसान कर रही थी। चीनी मिल अवैध रूप से बिना पर्ची गन्ना खरीद कर रही थी।
इसमें चीनी मिल के एमडी कुणाल यादव, अध्यासी सुरेश चंद्र जौहरी और जीएम विजय कुशवाह फर्जीबाड़ा करके, माफिया से साठगाठ करके गन्ना खरीद रहे थे। इसमें सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव राजीव कुमार सिंह ने कमिश्नर के आदेश पर चीनी मिल के तीनों अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। कोतवाली पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
इन धाराओं में दर्ज कराई गई रिपोर्ट
सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव राजीव कुमार सिंह ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7, धारा 417, 418, 419, 420, 468 और षड़यंत्र के तहत कम दाम में किसानों से गन्ना खरीदकर चीनी मिल को मुहैया कराने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
एसपी देहात राम मोहन सिंह ने कहा कि सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव राजीव कुमार सिंह की तहरीर पर यदु शुगर मिल के एमडी कुणाल यादव, अध्यासी सुरेश चंद्र जौहरी और जीएम विजय कुशवाह के खिलाफ बिसौली कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसकी विवेचना कराई जाएगी। इसमें जो तथ्य सामने आएंगें। उसके अनुसार और कार्रवाई की जाएगी।