हत्याकांड की विवेचना बरेली क्राइम ब्रांच ने की थी। विवेचक इंस्पेक्टर सिकंदर खां ने 11 मई 2017 को आरोपी नरेंद्र उर्फ पिंटू को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 4600 रुपये बरामद हुए थे। इनमें दो हजार का एक, पांच-पांच सौ के तीन और सौ-सौ के 11 नोट शामिल थे।
कोर्ट ने तलब की रिपोर्ट
विवेचक सात नवंबर 2023 को अपने बयान दर्ज कराने कोर्ट आए थे। इस दौरान उझानी पुलिस ने हत्यारोपी से बरामद नोट न्यायालय में पेश किए। रकम 4600 रुपये की जरूर थी, लेकिन नोट बदल दिए गए थे। उनमें पांच-पांच सौ के पांच नोट, दो-दो सौ के पांच नोट और सौ-सौ के 11 नोट निकले। इस पर न्यायालय ने उझानी पुलिस से नोट बदलने के संबंध में रिपोर्ट तलब की।
17 नवंबर 2023 को उझानी इंस्पेक्टर मनोज सिंह न्यायालय में पेश हुए। उन्होंने बयान दिया कि विवेचक ने जो नोट बरामद किए थे, वही पेश किए गए हैं। नोट बदलने के लिए स्वयं विवेचक उत्तरदायी हैं। विवेचक न्यायालय में हाजिर हुए। उन्होंने कहा कि उझानी पुलिस ने वे नोट पेश किए हैं, जो बरामद होने के दौरान चलन में ही नहीं थे। दो सौ रुपये का नोट 25 अगस्त 2017 को चलन में आया है।
विवेचक ने पुलिस की कहानी को बताया फर्जी
विवेचक ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट पेश करते हुए उझानी पुलिस की कहानी को फर्जी बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि यह नोट आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए बदले गए हैं। इस संबंध में डीसीजी की बहन विपर्णा गौर ने एसएसपी से कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। अब न्यायालय के आदेश पर धोखाधड़ी, समेत अन्य संगीन धाराओं में थाने पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच से कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। मामला 2017 से चल रहा है। अब तक 12 इंस्पेक्टर बदल चुके हैं। चार हेड मोहर्रिर बदल गए किस स्तर पर गड़बड़ी हुई यह विवेचना में सामने आ जाएगा। - डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी