उपकेंद्र के बाहर खड़े किसान। स्रोत ग्रामीण
बिल्सी। बिजली कटौती को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने सोमवार को तहसील परिसर में एक दिवसीय धरना दिया। एसडीएम को ज्ञापन देने के बाद किसान विद्युत उपकेंद्र बिल्सी पहुंचे, यहां बिजली कटौती को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से कटौती बंद करने की मांग की।
यूनियन के जिलाध्यक्ष रामाशंकर शंखधार ने कहा कि क्षेत्र में बिजली कटौती के कारण मक्का की फसलें सिंचाई के अभाव में सूख रही हैं। कहा कि सिंचाई के लिए बिजली सप्लाई सात घंटे देने के आदेश हैं, लेकिन दो-तीन घंटे भी नहीं मिल पा रही है। आक्रोशित किसानों ने उपकेंद्र में धरना देते हुए जमकर नारेबाजी की और कटौती बंद करने की मांग की। अवर अभियंता दिनेश कुमार सिंह ने फोन पर अधिकारियों से वार्ता की और पूरे मामले से अवगत कराया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि खैरी, अगोल, नगला जाटान, कुदरनी समेत क्षेत्र के तमाम किसान बिजली कटौती से परेशान है। शीघ्र उनकी समस्याओं को समाधान नहीं किया गया तो यूनियन व्यापक स्तर पर आंदोलन को बाध्य होगी।
उपकेंद्र पर पहुंचे किसानों ने किया हंगामा, हुई नोकझोंक
बिसौली। ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की किल्लत से परेशान किसानों ने उपकेंद्र पर पहुंच कर अधिशासी अभियंता से रोष व्यक्त किया। इस दौरान बिजली कर्मचारियों और किसानों के बीच नोकझोंक हुई। इसके बाद किसानों ने जमकर हंगामा किया। काफी देर तक बिजलीघर पर अफरा तफरी रही। ग्राम पलिया, एपुरा, रतनपुर के किसान घनश्याम और रामजी ने बताया कि बिजली की कटौती चल रही है। सिंचाई करने में बेहद परेशानी हो रही है। फसल सूख रही है। कई किसान तो किराए पर जनरेटर लेकर काम चला रहे हैं। कई बार उपकेंद्र में आकर शिकायत की, लेकिन सुनने को कोई तैयार नहीं है। इधर कुछ गांवों में लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है।