दुकानों की बिक्री का मामला आया सामने
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि चिह्नित दुकानों में से लगभग 20 दुकानों की जमीन गांव के ही एक प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा व्यापारियों को बेची गई थी। ये दुकानें उसके निजी चक के सामने स्थित हैं, जिन्हें अब सरकारी भूमि में शामिल पाया गया है। इस खुलासे के बाद व्यापारियों में खलबली मच गई है। उनका कहना है कि उन्होंने पूरी कीमत देकर जमीन खरीदी और दुकानें बनवाई हैं, ऐसे में अब कार्रवाई की आशंका से वे असमंजस की स्थिति में हैं।
प्रशासन ने दिए कार्रवाई के संकेत
इस संबंध में एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पैमाइश का कार्य पूर्ण होने के बाद अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।