धुआं उठने पर परिजनों को हुई जानकारी
अचानक बीड़ी बिस्तर पर गिर गई और आग लग गई। बीमारी की वजह से बुजुर्ग चारपाई से उठ नहीं पाए और न ही परिवार वालों को आवाज दे पाए। जब परिवार के लोगों ने उनके कमरे से धुआं निकलता देखा तो वह दौड़कर आए। उन्होंने जल्दी-जल्दी आग बुझाई लेकिन तब तक बुजुर्ग गंभीर रूप से झुलस गए।
परिवार वाले उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर शाम उनकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। उनके परिवार वालों ने बताया कि बुजुर्ग के चार बेटे और तीन बेटियां हैं। उनकी मौत से परिवार वाले काफी दुखी हैं।