इस दौरान पता चला कि आरोपी ने करीब 10 लोगों से 50 लाख रुपये की ठगी थी। तब से पुलिस उसे तलाश कर रही थी। मंगलवार सुबह आरोपी शहर में पकड़ा गया। उसके पास से 30 हजार रुपये बरामद हुए हैं। इंस्पेक्टर गौरव बिश्नोई ने बताया कि आरोपी दो माह से लापता था। सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया गया। दोपहर के समय लोकेश को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
ग्राहकों से अपने खाते में जमा कराता था रुपये
एजेंसी पर जो भी ग्राहक कार बुकिंग करने आते थे। आरोपी उनसे कार बुकिंग के नाम पर रुपये जमा कराता था लेकिन वह रुपये कंपनी के खाते में नहीं बल्कि अपने खाते में जमा करा लेता था। फिर उन्हें कंप्यूटर से बनाकर फर्जी रसीद दे देता था और उनके मोबाइल पर फर्जी मैसेज बनाकर भेजता था, जिससे ग्राहक समझते थे कि उनकी कार बुक हो गई लेकिन जब वह कार लेने पहुंचे तो उन्हें कार नहीं मिली। पता चला कि उनकी कार ही बुक नहीं हुई है। तब उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से शिकायत की और यह मामला पकड़ा गया।