अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित करते जिला सेवा योजना सहायता अधिकारी सचिन सिंह।संवाद
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बदायूं। इंटरमीडिएट के बाद छात्र-छात्राओं के सामने सबसे ज्यादा चिंता रोजगार परक कोर्स को लेकर होती है। अधिकतर बच्चे तथा उनके अभिभावक ऐसे ही कोर्स चाहते हैं जो रोजगार की दृष्टि से लाभकारी हों। खासकर, छात्राओं के सामने कम विकल्प होते हैं। ऐसे में उन्हें इनकी जानकारी देने के लिए शुक्रवार को कॅरियर काउंसिलिंग शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें छात्राओं की जिज्ञासाओं को शांत करने की कोशिश की गई। इस दौरान छात्राएं अपने भविष्य को लेकर चिंतित दिखीं।
अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत श्रीराम सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित कॅरियर काउंसिलिंग शिविर में जिला रोजगार सहायता अधिकारी सचिन सिंह ने न केवल छात्राओं को रोजगार को लेकर अधिक संभावनाओं वाले क्षेत्रों से अवगत कराया, साथ ही उनकी जिज्ञासा को भी शांत किया। उन्होंने कहा कि सही जानकारी के अभाव में अधिकतर छात्र-छात्राएं विषयों का चुनाव नहीं कर पाते हैं। यही स्थिति शिक्षा पूरी करने के बाद सही कॅरियर का चुनाव करने में भी होती है, इसलिए रुचि के अनुसार ही कॅरियर का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को रोजगार की संभावनाओं वाले विभागों के बारे में बताया। कहा कि आज दिनोंदिन रोजगार के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। इसलिए छात्राओं को लक्ष्य बनाकर तैयारी में जुटना जरूरी है।
रोजगार कार्यालय के परवेज ने भी छात्राओं को तमाम उपयोगी जानकारी दीं। कहा कि यह जरूरी नहीं है कि ज्यादा समय तक पढ़ाई करें बल्कि आवश्यक है कि एक चार्ट बनाएं और उसके अनुसार पढ़ाई करें।
इस मौके पर प्रधानाचार्य कालिका प्रसाद, राजकुमार सिंह सेंगर, अनुज पटेल, कमलेश कुमार, अशोक कुुमार आदि मौजूद रहे।
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सवाल पूछने में दिखा छात्राओं का उत्साह
सुनीता, मोहिनी, राखी, गुंजन ने कई प्रश्नों को अतिथियों से पूछा, जिनके जवाब देकर जिला रोजगार सहायता अधिकारी ने उनकी जिज्ञासा को शांत किया। अधिकतर सवाल कॅरियर को लेकर थे। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल छात्राएं मन लगाकर पढ़ाई करें और भविष्य के लिए भी योजनाएं बनाती रहें।