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महापुरुष ही बनाते हैं महारथी, गुरु का करें सम्मान : स्मिता

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बदायूं। राजकीय महिला महाविद्यालय में आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत परशुराम जयंती पर ऑनलाइन जिला स्तरीय विचार गोष्ठी हुई। इसमें कई महाविद्यालयों के शिक्षकों ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में महारथियों ने अलग पहचान बनाई है पर इन्हें तराशने वाले महापुरुष व गुरु ही रहे, जिनका सम्मान किया जाना चाहिए।
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विचार गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए डॉ. स्मिता जैन ने भगवान परशुराम के जीवन के बारे में शिक्षकों व छात्राओं को जानकारी दी। कहा कि भगवान परशुराम, भीष्म पितामह, गुरु द्रोणाचार्य के नाम अमर हैं। वह दानवीर कर्ण, अर्जुन जैसे महारथियों के गुरु रहे। उन्होंने इन महारथियों को शस्त्र और शास्त्र दोनों का ज्ञान प्रदान किया। भारत के इतिहास में इन महारथियों ने अपनी अलग पहचान बनाई है।
वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने छात्राओं को भगवान परशुराम की पितृ भक्ति के बारे में जानकारी दी। अंग्रेजी विभाग के डॉ. राजधन ने परशुराम के नामकरण के बारे में बताया कि पहले उनका नाम राम था, भगवान शिव से आशीर्वाद के रूप में परशु प्राप्त करने के बाद इनका नाम परशुराम पड़ा।
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डीपी महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी ने सहसवान से परशुराम के संबंध के बारे में जानकारी प्रदान की। रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. बृजेश ने कहा कि भगवान परशुराम ने भारत में कोंकण, गोवा, केरल जैसे वृहद ग्रामों की स्थापना की जो आज के समय में शहरी क्षेत्र में आते हैं। इन जगहों पर परशुराम जयंती अत्यंत धूमधाम से मनाई जाती है।
इस मौके पर राजकीय महाविद्यालय बिल्सी से डॉ. आराधना वर्मा, गिंदो देवी महिला महाविद्यालय से डॉ. इति सरकार, राजकीय महाविद्यालय बिसौली से डॉ. पारुल रस्तोगी, राजकीय महिला महाविद्यालय से मनीषा भूषण, डॉ. संजीव श्रीवास आदि मौजूद रहे।
बिल्सी : परशुराम के जीवन पर प्रकाश डाला
बिल्सी। महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को आजादी के अमृत महोत्सव और मिशन शक्ति विशेष अभियान के तहत परशुराम जयंती पर कार्यक्रम हुआ। उनके जीवन पर ऑनलाइन विचार गोष्ठी कराई गई। अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वसुधा श्रीवास्तव ने की। उन्होंने परशुराम के जीवन और उनके शौर्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। महिला प्रकोष्ठ प्रभारी आराधना वर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया। इसमें महाविद्यालय के डॉ. पंकज कुमार सिंह, शाहबुद्दीन अली खान, नीरेश यादव, सेजल, मोनी, अंजलि, रचना, विनीता यादव, छात्र-छात्राओं ने विचार रखे। संवाद
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