सहसवान (बदायूं)। सहसवान के डीपी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला आयोजित की गई। इसमें बतौर मुख्य अतिथि सीओ चंद्रपाल सिंह ने कहा कि छात्राएं अपना मनोबल न टूटने दें। साथ ही जूडो कराटे सीखें। आज के दौरान में यह बहुत जरूरी है। मनोबल बढ़े रहने से छात्राएं हर क्षेत्र में आगे रहेंगी।
सहसवान सर्किल के सीओ चंद्रपाल सिंह ने बताया कि सरकार महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए हर प्रयास कर रही है। तमाम हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। थानों में विशेष इंतजाम किए गए हैं जहां महिलाएं निडर होकर अपनी बात कह सकती हैं। अपनी पीड़ा सुना सकती हैं। बावजूद इसके कोई असुरक्षित महसूस कर रही हैं तो शरीर और मन से सशक्त बनना चाहिए। छात्राएं जूडो कराटे सीखें। इस दौरान अपना हौसला घटने न दें। स्कूल या घर के बाहर कोई समस्या है तो पहले अपने परिवार वालों को जरूर बताएं। बाद में थाने जाकर शिकायत करें।
महिला थाना प्रभारी रेनू सिंह ने कहा कि छात्राएं अपने आपको कहीं कमजोर न समझें। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। महिलाएं अपने परिवार, गांव, शहर और देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने छात्राओं से पूछा कि उन्होंने कभी पुलिस या महिला हेल्प लाइन नंबर पर कॉल की या नहीं। इस इस पर एक छात्रा ने कॉल करने की बात बताई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस उन्होंने कहा कि अब ऐसी समस्या हो तो उन्हें बताएं। प्राचार्य डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी ने कहा कि आज छात्राएं काफी आगे निकल चुकी हैं। बस उन्हें हौसला अफजाई करने की जरूरत है। इस दौरान डायरेक्टर डॉ. एमके सोलंकी, चीफ प्राक्टर डॉ. मुकेश राघव, ऋतु सिंह, सना साजिद, तृप्ति सक्सेना, ज्ञानेंद्र कश्यप, दिव्यांश सक्सेना, वैभव तोमर, नितिन माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।
प्रयोग पर फरहीन को दिया एक हजार का ईनाम
डीपी स्नातकोत्तर महाविद्यालय की बीएससी की छात्रा फरहीन ने एक ऐसा द्रव्य तैयार किया है, जिसमें कोई चीज डालने पर खराब नहीं हो सकती। उसके इस प्रयोग पर सीओ चंद्रपाल सिंह ने फरहीन को बतौर ईनाम एक हजार रुपये दिए। उन्होंने छात्रा से कहा कि वह इसी तरह आगे बढ़े और नाम रोशन करे।
भले ही बच्चे समझदार क्यों न हों, लेकिन माता-पिता को अपने बच्चों पर जरूर ध्यान देना चाहिए। उनके साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए। इससे बच्चे अपनी सारी बातें पहले परिवार वालों से शेयर करें। उनके हर सुख दुख पर ध्यान दें। - निहारिका, छात्रा
बच्चों के लिए अपने माता-पिता से कोई बात नहीं छिपानी चाहिए। जो बच्चे अपने माता-पिता से झूठ बोलते हैं। उनके साथ हमेशा गलत होता है। उनका भविष्य खराब हो जाता है। आखिर में उनके परिवार वाले भी साथ नहीं देते। - आरती, छात्रा
छात्राओं को जागरूक होना जरूरी है। वह दूसरे बच्चों को जागरूक नहीं कर सकें तो कम से कम अपनी सहेलियों को जरूर बताएं। किसी को गलत रास्ता नहीं दिखाएं। इससे कोई लड़की या व्यक्ति मुसीबत में पड़ जाए। - कंचन, छात्रा
बच्चों को पुलिस के सभी हेल्प लाइन नंबर याद होना चाहिए। जरूरत के अनुसार कॉल करके मदद मांग सकते हैं। कोई घटना होने पर अपने परिवारवालों को बताएं। बाद में थाने जाकर संबंधित मामले में कार्रवाई कराएं। मामले को छिपाएं नहीं। - नाजिश, छात्रा
डीपी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मौजूद छात्राएं। संवाद- फोटो : BADAUN