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परीक्षा से घबराएं नहीं बेटियां, तनाव पालेंगी तो होगा नुकसान

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बदायूं। मानसिक रोग विशेषज्ञ राजेश वर्मा ने शुक्रवार को छात्राओं को मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के टिप्स दिए। कहा कि परीक्षा से घबराने की जरूरत नहीं है। प्लान बनाकर पढ़ाई करें और तनाव बिल्कुल न लें। यह भी कहा कि बेटियां खुद का सम्मान करना सीखें।
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शुक्रवार को अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत शहर के राजाराम महिला इंटर कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य विषय पर व्याख्यान हुआ। मुख्य अतिथि जिला अस्पताल के चिकित्सक व मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि महिलाएं मानव जीवन में खास महत्व रखती हैं। वे मां, पत्नी, बहन, बेटी किसी भी रूप में हो सकती हैं। क्योंकि जब हम लोग घर में उठते हैं तो मातृ शक्ति की ही बदौलत ही चाय, नाश्ता मिलता है। ऐसे में महिलाओं के लिए शारीरिक के साथ-साथ मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। खास तौर पर छात्राओं के लिए। यह एक ऐसी उम्र है कि इस समय जिस रूप में ढल जाएंगे आगे चलकर वैसे ही बनते चले जाएंगे। ऐसे में बेहद जरूरी है कि अपनी दिनचर्या पर विशेष ध्यान दें। कुछ समय शारीरिक व्यायाम के लिए निकालें। साथ ही किसी भी तरह की समस्या होने पर अपने परिवार, शिक्षकों, अपने मित्रों के साथ निरंतर संबंध बनाए रखें तो निश्चित ही हम मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे।
छात्राओं ने मनोचिकित्सक से कुछ अहम सवाल भी पूछे, जिनका उन्होंने स्पष्ट जवाब देकर जिज्ञासा शांत की। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. अनिता कुमारी ने छात्राओं को परीक्षाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण जानकारी दी। संचालन अंजुम सहर ने किया।
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परीक्षा के दौरान सभी विद्यार्थियों को ज्यादा तनाव हो जाता है। हालांकि आज जिस तरह से समझाया गया है उससे काफी जानकारी मिली है। हमको किस तरह सजग रहना चाहिए ताकि तनाव की स्थिति न हो।
- इशिका रस्तोगी
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मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। इसे लेकर अपनी दिनचर्या पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पढ़ाई भी मन लगाकर करेंगे। इससे आने वाले समय में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
- खुशी वर्मा
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परीक्षाएं नजदीक हैं। ऐसे में पढ़ाई का बोझ और तनाव हो जाता है। परिवार व समाज की तमाम बातें व निजी जीवन की मुश्किलें अवसाद पैदा करती हैं। ऐसे में कार्यशाला से काफी ऊर्जा मिली।
- शालिनी
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आजकल शारीरिक स्वास्थ्य से ज्यादा अहम मानसिक स्वास्थ्य हो गया है। भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग ज्यादा काम करने की वजह से डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं। सकारात्मक ऊर्जा का संचार बेहद जरूरी है।
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- राधिका
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