बदायूं। 24 से 48 घंटे में फॉल्ट ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल करने के अभियंताओं के दावे फेल हो गए हैं। दहगवां व बिल्सी कस्बे के कुछ हिस्सों के साथ सात गांवों में रविवार शाम तक आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी। इससे 20 हजार से अधिक लोग बिजली के लिए तरसते रहे। अब अभियंताओं का कहना है कि मंगलवार को आपूर्ति पूरी तरह से सुचारू हो जाएगी।
जिले में बुधवार की रात आई आंधी ने बिजली व्यवस्था चौपट कर दी थी। कई क्षेत्रों में तो शुक्रवार तक आपूर्ति सुचारू कर दी थी, जबकि बिल्सी और दहगवां क्षेत्र रविवार तक आपूर्ति नहीं मिल पाई है।
दहगवां के जेई रजनीश कुमार ने बताया कि 120 पोल आंधी में टूट गए थे। जिसमें 35 पोल लग गए हैं। लगातार काम चल रहा है। आपूर्ति मंगलवार को पूरी तरह से बहाल हो जाएगी। बिल्सी कस्बे के अगोल रोड, मोहल्ला नंबर दो बरी वाली गली में पांच दिन से आपूर्ति ठप है।
बमेड़ में बिजली नहीं, सूख रही मक्का की फसल
-बिल्सी तहसील के गांव बमेड़ में बुधवार रात 11 बजे से बिजली नहीं है। गांव के 700 घरों में रहने वाले पांच हजार से अधिक लोग गर्मी में पसीना बहा रहे हैं। रविवार को पांचवां दिन भी बगैर बिजली के गुजरा। गांव के जंगी सिंह ने बताया कि एक तरफ खेत में फसलें सूख रही हैं, दूसरी तरफ घर में सबमर्सिबल पंप नहीं चलने से पानी का भी संकट है। मोबाइल को कार स्टार्ट करके चार्ज किया है।
शनि मंदिर इलाके को 11 घंटे बाद मिली बिजली
-बदायूं शहर के शनि मंदिर के पास स्थित 20-25 घरों की बिजली शनिवार रात एक बजे चली गई। रविवार को दिन में दोपहर 12 बजे बिजली मिल सकी। मोहल्ले के पार्थ कपूर का कहना था कि दावे कुछ भी हों पर हकीकत यही है कि उपभोक्ता की बात को गंभीरता से नहीं लिया जाता।
पांच हजार लोग पानी के लिए तरसे
-फाल्ट ठीक करके 24-48 घंटे में आपूर्ति देने के दावे दहगवां में फेल हो गए। कस्बे के महाराणा प्रताप, पाठशाला और भामाशाह मोहल्ले के साथ कमालपुर जल्लनगर, दादरा, भोगाजीत नगलिया गांवों को पांचवें दिन भी बिजली नहीं मिल सकी। बुधवार रात से आपूर्ति ठप है। पांच हजार लोग बिजली व पानी के लिए तरस रहे हैं।
फ्रिज में रखी कोल्ड ड्रिंक नहीं हो रही ठंडी, बिक्री ठप
-दहगवां के कृपानंदन ने बताया की पिछले पांच दिनों बिजली न आने से व्यापार ठप हो गया है। पहले दिन भर कोल्ड ड्रिंक्स की खूब बिक्री होती थी, अब फ्रिज न चलने से कोल्ड ड्रिंक्स ठंडी नहीं हो रही और बिक्री ठप है। वहीं, दुकान के आगे खंभा टूटा हुआ पड़ा है। उसे पांच दिन बाद भी नहीं हटाया गया है।
पांच दिन से बिजली ठप, हाथ के पंखे का ही है सहारा
-दहगवां के महाराणा प्रताप मोहल्ले के निवासी बलवीर सिंह ने बताया कि घर के अंदर गर्मी लगती है। इसलिए बच्चों को घर के बाहर लेकर हाथ के पंखे से हवा कर रहे हैं। बिजली गर्मी में इतने दिन नहीं आएगी, पता नहीं था। ऐसा लगता है कि खराब लाइनों को ठीक करने में देरी पर देरी की जा रही है।
बिल्सी क्षेत्र में बिजली न मिलने से बंद हैं 90 नलकूप
बिल्सी। बुधवार की रात आई तेज आंधी में बिल्सी नगर समेत क्षेत्र के 25 से अधिक गांव की बिजली बाधित हो गई थी। विद्युत विभाग द्वारा नगर क्षेत्र में करीब 90 फीसदी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के परोली फीडर आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी है।
इस फीडर से लगे गांव खैरी, नगला तर्रु, दिधोनी, जरसैनी, गिरधरपुर, जरावन, बादशाहपुर समेत 10 गांव के 600 निजी व सरकारी नलकूप की आपूर्ति बंद चल रही है। जिससे खेतों में खड़ी फसल सिंचाई के अभाव में प्रभावित हो रही है। अवर अभियंता दिनेश कुमार सिंह ने बताया की नगर में काफी तेज गति से कार्य करने के बाद लगभग 90 फीसदी आपूर्ति बहाल हो गई है। बमेड़ और बांस बरोलिया की बिजली आपूर्ति बुधवार की रात से बंद चल रही है। संवाद
दहगवां फ्रिज में रखा सामान बिजली न होने से लौट रहे ग्राहक। संवाद
दहगवां फ्रिज में रखा सामान बिजली न होने से लौट रहे ग्राहक। संवाद
दहगवां फ्रिज में रखा सामान बिजली न होने से लौट रहे ग्राहक। संवाद