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Budaun News: झमाझम बारिश से घरों और दुकानों में भरा पानी, सड़कों पर जलभराव

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बाइपास के पास भरा बारिश का पानी। संवाद - फोटो : स्वयं
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बदायूं। सावन के आखिरी सोमवार को हुई 118 एमएम बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। सीजन की यह सबसे ज्यादा बारिश है। बारिश से कई दुकानों और घरों में पानी भर गया। दुकानदारों को न सिर्फ आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि दिनभर पानी निकालने और सामान बचाने में जद्दोजहद करनी पड़ी।
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शहर के छह सड़का, घंटाघर, जोगीपुरा, नगर पालिका, लावेला चौक, बस स्टैंड, जिला अस्पताल सहित अन्य जगहों में बरसात का पानी भरा रहा। गांधी ग्राउंड से छह सड़का के बीच दुकानों, घरों में घुटनों तक पानी भर गया। बारिश के बाद सुबह जब लोग दुकान खोलने के लिए पहुंच तो उन्हें कीचड़ से होकर निकालना पड़ा। कई दुकानों के बिजली के उपकरण, कागजात और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह से खराब हो गए। ऐसे में लोग दुकानों से पानी निकालते रहे। ऐसे में पूरे दिन उनकी दुकानदारी नहीं हो सकी। इसी तरह राजकीय मेडिकल कॉलेज से पहले हाईवे पर एक तरफ पानी भरा हुआ था। इस रोड पर चाय के खोखे के आसपास पानी भरा था और लोगों को जाना मुश्किल हो गया। इस वजह से खोखा सोमवार को बंद रहा।
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स्वास्थ्य केंद्र में घुसा पानी, सेवाएं ठप
म्याऊं। रात करीब दो बजे से हो रही तेज बारिश में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूरा परिसर जलमग्न हो गया। अस्पताल के सभी कमरों, स्टोर रूम और गलियारों में एक से डेढ़ फुट तक पानी भर गया। इससे मरीजों का इलाज ठप रहा। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार ने बताया कि रोड किनारे बना नाला स्थानीय लोगों ने आगे से बंद कर दिया है। इससे एक चौथाई गांव का पानी सीधे स्वास्थ्य केंद्र परिसर में घुस गया और स्थिति गंभीर बन गई। बीडीओ डॉ. मनीष सिंह वर्मा ने बताया प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का पत्र मिला है। बारिश के कारण जलभराव की समस्या से अवगत कराके सचिव को पत्र सौंप दिया गया है। जल्द की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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रातभर हुई बारिश में बह गई सड़क

कादरचौक। सिवाया, हामिदपुर व जलालपुर को जाने वाली सड़क का कुछ हिस्सा बारिश से बह गया। इससे बड़े वाहनों का आवागमन ठप हो गया। इस मार्ग से ब्लॉक मुख्यालय तक आने जाने वालों को परेशानियां हो रही है। अभी और बारिश हुई तो छोटे वाहनों का रास्ता भी बंद हो जाएगा। इसी वर्ष सड़क की मरम्मत का काम हुआ था, लेकिन पटरी की मिट्टी नहीं भरने से सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया।
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मकान गिरे, नहीं हुई कोई जनहानि

उसहैत। दो दिन से लगातार हो रही बारिश में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह पेड़ गिर गए हैं। दो पुराने मकान भी ढह गए। वार्ड 11 के निवासी ध्रुव देव गुप्ता की दो मंजिला जर्जर मकान रात में ढह गया। घटना के समय घर में कोई नहीं था। परिवार बदायूं में रहता है। इसी वार्ड में एक मकान के मिट्टी की दीवार गिर गई। पास में गाय बंधी हुई थी, वह बच गई। ध्रुव देव ने बताया कि उनकी इमारत लगभग 80 साल पुरानी थी। इसकी मरम्मत और देखरेख होती रहती है।


जगह-जगह जलभराव बना समस्या

इस्लामनगर। रात 11 बजे शुरू हुई बारिश 12 घंटे बाद अगले दिन सोमवार की सुबह बंद हुई। कभी तेज कभी हल्की बारिश होती रही। नगर में कई जगह जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित हुआ। हालांकि बारिश में कांवड़ियों का जोश कम नहीं हुआ। भीगते हुए उन्होंने शिवालयों में जलाभिषेक किया।


मजार पास गिरा नीम का पेड़

अलापुर। नगर में बाबा बुद्धू शाह दादा मियां की मजार के पास का नीम का पेड़ सुबह साढ़े पांच बजे गिर गया। इससे कोई भी जनहानि नहीं हुई।

घरों में भरा पानी

बिल्सी। नगर के मोहल्ला पांच की वाल्मीकि बस्ती में बरसात का पानी घरों में भर गया। पालिका बाजार, साहबगंज, हनुमानगढ़ी कॉलोनी, सीताराम मोड़, वजीरगंज रोड पर भी लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा। बरसात के बाद नालियों में जमा कीचड़ सड़क पर आ गया। इससे राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। कोतवाली एवं तहसील परिसर में भी बारिश का पानी भर गया। यहां आने-जाने वाले फारियादियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। संवाद



ईख, धान और बाजरा को फायदा, उर्द, मेंथा और मिर्च को नुकसान

बदायूं। ईख, धान और बाजरा की फसल को बारिश से फायदा पहुंचा है। वहीं मेंथा, उड़द और मिर्च को नुकसान हो सकता है। जिले में विभिन्न प्रकार की मिर्च के अलावा शिमला मिर्च की खेती बड़े रकबे में की जा रही है। मिर्च और मेंथा के खेतों में पानी भर जाने के कारण उसके सड़ने की नौबत आ सकती है। रहेड़िया प्रतिनिधि के अनुसार मिर्च के खेतों में पानी भर जाने के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है।

ओरछी में मकान की दीवारें ढही
ओरछी। रविवार की रात से सुबह तक हुई बारिश के कारण गांव ओरछी में बंद मकान की दीवारें ढह गई। रात के समय में दीवारें ढह जाने के कारण जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। यह मकान बदन सिंह उर्फ केवल का है। इसमें उसके चचेरे भाई बंटी भी रहते हैं, लेकिन दोनों परिवार समेत हरियाणा में रहकर काम कर रहे हैं। मकान की दीवारें गिर जाने की सूचना गांव वालों ने उन्हें फोन पर दे दी हैं। संवाद

बाइपास के पास भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : स्वयं

बाइपास के पास भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : स्वयं

बाइपास के पास भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : स्वयं

बाइपास के पास भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : स्वयं

बाइपास के पास भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : स्वयं

बाइपास के पास भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : स्वयं

बाइपास के पास भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : स्वयं

बाइपास के पास भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : स्वयं

बाइपास के पास भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : स्वयं

बाइपास के पास भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : स्वयं

बाइपास के पास भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : स्वयं

बाइपास के पास भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : स्वयं

बाइपास के पास भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : स्वयं

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