जिला अस्पताल में पैथोलॉजी लैब की पुरानी दीवार पर प्लास्टर करने की तैयारी। संवाद
बदायूं। जिला अस्पताल की लैब के भवन को सुंदर व उपयोगी बनाने के लिए शासन की आरे से मंजूर किए गए 88 लाख रुपये लापरवाही की भेंट चढ़ रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण तो यही है कि ठेकेदार द्वारा पुरानी दीवारों पर ही लिंटर डाल दिया गया। इसपर न तो जिला अस्पताल के जिम्मेदारों ने आपत्ति जताई न ही प्रशासन ने इस ओर ध्यान दिया। अब पुरानी दीवारों को प्लास्टर करके दबाने का काम किया जा रहा है। वहीं, ठेकेदार को दिसंबर तक काम पूरा करके देना है।
जिला अस्पताल में 88 लाख रुपये इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब बनाई जा रही है। इसकी जिम्मेदारी लखनऊ की कार्यदायी संस्था मिली है। लैब का पुराना भवन बना हुआ था। उसके आगे नया निर्माण कराकर पुराने भवन की ही दीवारों पर लिंटर डाल दिया गया।
इतना ही नहीं पुरानी दीवारों पर लगे प्लास्टर को हटाकर नए तरीके से प्लास्टर करने की तैयारी की जा रही है। ठेकेदार लगातार दावा कर रहा है कि मानकों के अनुसार ही निर्माण कार्य किया जा रहा है। लेकिन मौके पर देखकर लोग यही कह रहे हैं कि अगर इसी भवन में लैब रहनी थी तो 88 लाख रुपये खर्च क्यों किए जा रहे हैं। वहीं, पुरानी दीवार पर लिंटर या फिर उसी भवन को सुधरना था तो कुछ समय पहले 12 लाख रुपये लगाकर टिन क्यों डलवाई गई।
भवन का पुराना मेटेरियल गायब
भवन निर्माण से पहले पुराने भवन के आगे लाखों रुपये से डलवाई गई टिनशेड व लोहे के खंभे आदि गायब हो चुके हैं। सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह का कहना है कि निर्माण कार्य सीएमओ की देखरेख में कराया जा रहा है। इसके बारे में वह ही विस्तार से जानकारी दे सकते हैं।
पुराने भवन की रंगाई-पुताई कर नया दर्शाने की कोशिश
पुराना भवन तोड़ा नहीं गया है। बाहर की तरफ पड़ी जगह पर एक बरामदा व एक कमरा तैयार कर दिया गया। अब पुराने भवन पर प्लास्टर कर उसको नया बनाने की कोशिश की जा रही है।
-
जो मानक तय किए गए हैं उसी के अनुसार कार्य कराने को ठेकेदार को बताया गया है। अगर मानकों से कहीं समझौता किया जा रहा है तो इसकी जांच कराएंगे। मानक पूरे होने पर ही ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ