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कहने को तो अलग उपकेंद्र...फिर भी जिला अस्पताल को 24 घंटे बिजली नहीं

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जिला अस्पताल के बिजली उपकेंद्र के बाहर रखा मोबाइल ट्रांसफार्मर। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। जिला अस्पताल में चौबीस घंटे बिजली सप्लाई के लिए आरक्षित 33 केवीए की लाइन और बिजली उपकेंद्र है। इसके बाद भी यहां बिजली कटौती और अनियमित वोल्टेज की समस्या खत्म नहीं हो रही। लगभग रोजाना दो से तीन बार बिजली गुल हो जा रही है। अनियमित वोल्टेज के कारण डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अक्सर ऑक्सीजन प्लांट में भी खराबी आ रही है।
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जिला अस्पताल पावर कॉरपोरेशन को बिजली के बिल के रूप में हर महीने करीब दो लाख का भुगतान करता है। अस्पताल पर पावर कॉरपोरेशन का बकाया भी नहीं है। जिला अस्पताल में चौबीस घंटे बिजली मिलने के बाद लो या हाई वोल्टेज की समस्या न हो इसके लिए अलग से बिजली उपकेंद्र भी है। बिजली उपकेंद्र पर ही 35 लाख से ज्यादा खर्च हुआ है। किसी तरह की समस्या न हो इसके लिए 33 केवीए की अलग लाइन भी है। इसके बावजूद समस्या खत्म नहीं हो रही। गत एक सप्ताह से अस्पताल में लगभग हर रोज पावर कट हो रहा है। लो और हाई वोल्टेज की समस्या अलग परेशान कर रही है। बिजली न मिलने से वार्डों में भर्ती रोगियों को भी भीषण गर्मी में काफी समस्या हो रही है।
पिछले दिनों अनियमित वोल्टेज के कारण जिला अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट भी फुंक चुका है। गनीमत रही कि कोई आपात स्थिति पैदा नहीं हुई। लो वोल्टेज के कारण बिजली से चलने वाले चिकित्सा उपकरण काम नहीं करते। इनमें अक्सर खराबी भी आ जाती है। ऑपरेशन थिएटर में भी सेवाएं प्रभावित होती हैं। जिला अस्पताल प्रशासन ने कई बार पावर कॉरपोरेशन को भी लिखा, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
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डीजल के लिए लंबे समय से नहीं मिला बजट
जिला अस्पताल के पास दो बड़े जनरेटर हैं, लेकिन लंबे समय से अस्पताल के लिए डीजल के मद में बजट ही नहीं मिला है। आपात स्थिति पैदा होने पर किसी तरह जुगाड़ से जनरेटर लगवाया जाता है। एक जनरेटर अस्पताल में बिजली उपकेंद्र के पास रखा है। यह बड़ा जनरेटर पूरे अस्पताल परिसर को बिजली सप्लाई देने की क्षमता रखता है। दूसरा जनरेटर ब्लड बैंक के पास रखा है। इसकी लाइन कुछ विभागों में ही है। जरूरत पड़ने पर ब्लड बैंक के पास रखा जनरेटर ही इस्तेमाल किया जाता है।
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अस्पताल में चौबीस घंटे बिजली नहीं मिल रही। लो वोल्टेज बड़ी समस्या है। इस बारे में कई बार पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को बताया गया है, लेकिन समाधान नहीं होता। अस्पताल का अपना बिजली उपकेंद्र है। हर महीने अच्छा खासा बिल भी जमा किया जाता है।
-डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
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जिला अस्पताल को नियमित बिजली मिल रही है। वोल्टेज की कोई समस्या नहीं है। हमारी तरफ से वोल्टेज पूरे दिए जा रहे हैं। अस्पताल के ऑपरेटर को भी यह दिखा दिया गया है। इसके बाद भी अगर कोई समस्या हो रही है तो उसका समाधान किया जाएगा।
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-नीरज गोवाड़ी, एसडीओ पनबड़िया
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