बदायूं जिले में निजी स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। कादरचौक स्थित राधिका नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान कथित तौर पर प्रसूता के सीने पर बैठकर जबरन डिलीवरी कराने की कोशिश की गई, इससे नवजात की मौत हो गई।
बदायूं के कादरचौक स्थित राधिका नर्सिंग होम में प्रसूता के सीने पर बैठकर जबरन डिलीवरी कराने की कोशिश की गई। इससे नवजात की मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. श्रीमोहन झा ने नर्सिंग होम को सील करने के आदेश दिए हैं। साथ ही कादरचौक सीएचसी में इलाज किए बगैर प्रसूता को नर्सिंग होम भेजने पर वहां के प्रभारी (एमओआईसी) डॉ. अवधेश राठौर को हटाकर ककराला स्थानांतरित कर दिया है।
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कादरचौक क्षेत्र के ग्राम ललसी नगला निवासी छोटेलाल ने बताया कि पत्नी कृष्णा को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार को सीएचसी कादरचौक में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि वहां तैनात एएनएम शशिलता और दाई बबीता ने एमओआईसी से बात कर किसी बड़े सरकारी अस्पताल भेजने के बजाय उन्हें निजी नर्सिंग होम भेज दिया। परिजनों का कहना है कि नर्सिंग होम पहुंचने पर 15 हजार रुपये जमा कराए गए और जच्चा-बच्चा की पूरी जिम्मेदारी लेने का भरोसा दिया गया।
सूचना पर पहुंचे उझानी के एसडीएम और सीओ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि अस्पताल में न तो पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं थीं और न ही कोई प्रशिक्षित डॉक्टर मौजूद था।
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सीने पर बैठकर दबाया था पेट
परिजनों के मुताबिक प्रसव के दौरान नर्सिंग होम की एक महिला ने प्रसूता के सीने पर बैठकर पेट को दबाया। इससे नवजात की मौत हो गई। जब परिजनों ने इसका विरोध किया तो स्टाफ ने उन्हें धमकाया।
पुलिस ने पति छोटेलाल की तहरीर पर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। सीओ उझानी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मामले में डीएम के निर्देश पर एसडीएम और एसीएमओ के नेतृत्व में टीम जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और रिपोर्ट भी दर्ज होगी।
सीएमओ डॉ. श्रीमोहन झा ने बताया कि संबंधित नर्सिंग होम पंजीकृत जरूर था, लेकिन वहां कोई योग्य डॉक्टर मौजूद नहीं था और मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कादरचौक के एमओआईसी डॉ. अवधेश कुमार राठौर को तत्काल प्रभाव से हटाकर ककराला भेज दिया गया है, जबकि ककराला के प्रभारी को कादरचौक में तैनात किया गया है।