राजकीय डिग्री कॉलेज में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लेती छात्रा। स्रोत कॉलेज
बदायूं। राजकीय महाविद्यालय के उर्दू विभाग में नवगठित उर्दू साहित्य परिषद के तत्वावधान में वार्षिक साहित्यिक प्रतियोगिताएं हुईं। कार्यक्रम में मालूमाते-ए-आम्मा (क्विज), तकरीरी मुकाबला और गजल सराई जैसी प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। इनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि उर्दू भाषा का साहित्य भारतीय सांस्कृतिक विरासत की महत्वपूर्ण धरोहर है। ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में भाषा के प्रति रुचि बढ़ाती हैं। गजल सराई प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी मधुर आवाज और प्रस्तुति से सभी को प्रभावित किया। इसमें दरख्शा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि फरजाना द्वितीय और नीलोफर तृतीय स्थान पर रहीं।
मालूमाते-ए-आम्मा (क्विज) प्रतियोगिता में छात्रों ने साहित्य, इतिहास और भाषा से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देकर अपनी प्रतिभा दिखाई। इस श्रेणी में नबीला प्रथम, जेबा द्वितीय और मेहरुल तृतीय स्थान पर रहीं। तकरीरी मुकाबले में वक्ताओं ने विभिन्न सामाजिक व साहित्यिक विषयों पर प्रभावशाली भाषण दिए।
इसमें मो. आदिल प्रथम स्थान पर रहे। फैजुर्रहमान को दूसरा स्थान मिला, जबकि तीसरा स्थान नबीला और नीलोफर को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया। निर्णायक की भूमिका डॉ. प्रेमचंद चौधरी और डॉ. ज्योति विश्नोई ने निभाई। संचालन डॉ. जुनैद आलम ने किया। कार्यक्रम में डॉ. राकेश कुमार जायसवाल, डॉ. सतीश सिंह यादव, डॉ. दिलीप कुमार वर्मा, डॉ. गौरव कुमार, डॉ. हुकुम सिंह, डॉ. प्रियंका सिंह सहित अन्य शिक्षक व छात्र उपस्थित रहे।