डरा-धमकाकर ट्रांसफर कराई रकम
27 अगस्त की दोपहर ठगों ने फिर से कॉल की और उन्हें बताया कि आपको डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया है। कहीं गए या किसी को कुछ बताया तो आपको तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसलिए जो जानकारी मांगी जा रही है, उसको सही-सही बताएं। उन्होंने मनोज कुमार से उनके खातों की पूरी जानकारी ली। बाद में उन्होंने 12.30 लाख रुपये जमा करने को कहा। परेशान होकर उन्होंने साइबर ठगों के कहने पर रुपये उनके खाते में ट्रांसफर कर दिए। लेकिन बाद में उन्हें ठगी एहसास हुआ। उन्होंने साइबर थाने जाकर इसकी शिकायत की।
ठगों ने अधिकांश रकम निकाली
साइबर थाने के इंस्पेक्टर विनोद वर्धन ने बताया कि मामले की जांच की गई तो सामने आया है कि उनको डिजिटल अरेस्ट की बात कहकर धमकाकर 12.30 लाख रुपये की ठगी कर ली गई है। मुकदमा दर्ज किया गया है। ठगों ने अधिकांश रुपये खाते से निकाल लिए हैं। जो बचा हुआ पैसा था उसको खाते में ही होल्ड करा दिया गया है।
इंस्पेक्टर ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि डिजिटल अरेस्ट कुछ नहीं है। अगर कोई यह कहता है कि आप डिजिटल अरेस्ट हो गए हो तो समझों कि आप किसी ठगी के शिकार होने वाले हो। ऐसे में अपनी कोई भी जानकारी फोन करने वाले को न दें। साइबर थाने को जितनी जल्द हो सके सूचना दें।