बदायूं। कासगंज-बदायूं हाईवे के निर्माण में बाधा बन रहे 9300 पेड़ों को काटने का काम सोमवार से शुरू हो गया है। इससे निर्माण में तेजी आएगी। इसके बनने से मथुरा से कासगंज तक का सफर आसान हो जाएगा। साथ ही चार जगहों पर बाईपास के लिए भी काम चल रहा है।
मथुरा-बरेली हाईवे के चौड़ीकरण का काम चार पैकेज में किया जा रहा है। इसमें बदायूं-बरेली, बदायूं-कासगंज, कासगंज-हाथरस और हाथरस-मथुरा तक छह सिक्स हाईवे लेन बनाया जा रहा है। इसमें बदायूं से कासगंज के बीच 54.400 किमी में 9300 हजार पेड़ काटने के लिए एनओसी मिल गई हैं। मंगलवार से वन निगम ने पेड़ काटने का काम शुरू कर दिया है। बदायूं में 5600 और कासगंज में 3700 पेड़ों को काटा जाना है। उम्मीद जताई जा रही है कि एक माह के अंदर पेड़ों की कटान पूरा हो जाएगा। उसके बाद सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू हो जाएगा।
तीन बाईपास पर शुरू हुआ काम
एनएचएआई की ओर से कासगंज-बदायूं हाईवे में सोरो, न्यूलीमानपुर नगरिया, कछला और उझानी में बाईपास बनाया जाएगा। इन तीनों जगहों पर बाईपास निर्माण के लिए खोदाई का काम शुरू हो गया है।
कासगंज में 18 और बदायूं के 30 गांवों की जमीन का अधिग्रहण
हाईवे के चौड़ीकरण के लिए कासगंज के 18 गांव और बदायूं के 30 गांवों की करीब 185 हेक्टेयर जमीनों को अधिग्रहण किया जा चुका है। यहां के किसानों को सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिया गया है।
धीमी गति से हो रहा काम
हाईवे में पेड़ कटान न होने से काम सुस्त चल रहा था। अमर उजाला में 12 अप्रैल के अंक में इस मामले को प्रकाशित किया गया था। उसके बाद अब वन निगम की ओर से काम शुरू हो गया।
- बदायूं-कासगंज हाईवे चौड़ीकरण के लिए मंगलवार से पेड़ काटने का काम वन निगम ने शुरू कर दिया है। पेड़ कटने के बाद सड़क का काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा बाईपास में काम शुरू हुआ है।
- उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई