खजूर खरीदते मुस्लिम भाई। संवाद
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बदायूं। पाक माह रमजान का चांद शनिवार शाम दिखा तो रोजेदारों में खुशी की लहर दौड़ गई। वे बाजार में खरीदारी करने निकल पड़े, साथ ही एकदूसरे को मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तस्वीरें पोस्ट कर एकदूसरे को मुबारकबाद दी।
माहे रमजान मजहब-ए-इस्लाम का वह पाक महीना है जिसमें शैतानों को कैद कर दिया जाता है और रोजेदार बंदों की हिफाजत के लिए फरिश्तों को लगा दिया जाता है। इस मुबारक महीने में इबादत करना भी बहुत सबाब का काम है और यह किस्मत वालों को नसीब होता है।
इस मुबारक महीने का चांद देखने के बाद लोग इबादतों में मशगूल हो जाते हैं। मुबारक महीने के रोजे रखना हर बालिग मुसलमान पर फर्ज किया गया है। इसके मद्देनजर रमजान शरीफ के मुबारक महीने में अधिकतर लोग महीने के तीसों रोजे रखकर अल्लाह की बारगाह में अपनी इबादत पेश करते हैं।
शनिवार को रमजान शरीफ के मुबारक महीने का चांद दिखाई देते ही मुस्लिम समाज के लोगों में खुशियों का माहौल दिखाई देने लगा। लोगों ने एक दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी। रोजे रखने की तैयारियां शुरू कर दीं और बाजारों में खरीदारी को पहुंच गए। फलों के दाम भी नवदुर्गा व्रत के साथ रमजान होने से एकाएक बढ़ गए। खजूर 130 रुपये किलो तक बिका।
इधर, पूर्व सदर विधायक आबिद रजा ने डीएम को पत्र लिखकर रमजान व नवदुर्गा व्रत के मौके पर बिजली, पानी व सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने की मांग की। संवाद