बिल्सी। मोहल्ला संख्या दो स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में दस दिवसीय पर्यूषण पर्व का सातवां दिन उत्तम तप धर्म के रूप में मनाया गया।
जिनेन्द्र भगवान का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की गई। श्री दिगंबर जैन महा समिति के जिलाध्यक्ष अनिल जैन सोनी ने बताया कि तप करने का मतलब है कि शरीर को कष्ट देना, अपनी आत्मा का ध्यान रखना। जैन धर्म में तप 12 प्रकार के होते हैं। तप एकांत स्थान पर ही किया जाता है। तप से जन्म सफल और जीवन को सार्थक किया जा सकता है। शरीर को तपाए बिना आत्मा नहीं तप सकती।
वीरांगना मंडल की ओर से नीरेश जैन के सानिध्य में धर्म बोला प्रतियोगिता हुई। इसमें सम्यक दर्शन अनंत जैन, सम्यक ज्ञान प्रशांत जैन, सम्यक चरित्र तरुण जैन, चार कषाय मोंटी जैन, मोक्ष अनंत स्वस्ति, नेहा जैन को मिला। इस मौके पर प्रशांत जैन, डॉ आरती जैन, प्रीति जैन, सुनील जैन, मयंक जैन, तरुण जैन, दिव्या जैन, शीतू जैन, नीलम जैन, राखी जैन, सलोनी जैन, इंदु जैन, काजल जैन, प्रतिभा जैन, मोना जैन मौजूद रहे। संवाद