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लूट और हत्या के प्रयास में सात साल कैद, जुर्माना भी

Wed, 08 Feb 2017 10:45 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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स्पेशल जज ने 12 साल पुराने मामले में सुनाया फैसला
 स्पेशल जज डकैती विकास कुमार ने लूट और हत्या के प्रयास के 12 साल पुराने मामले में नामजद चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल कैद और 15-15 हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना की रकम से आधी पीड़ित को बतौर मुआवजा दी जाएगी।
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वारदात मुजरिया में 25 दिसंबर 2005 को हुई थी। थाना मुजरिया के गांव कौल्हाई निवासी सुरेंद्र पुत्र राजाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह कौल्हाई के फरमाल अली के ट्रैक्टर पर ड्राइवर रघुवीर सिंह के साथ थाना फैजगंज बेहटा के मुड़िया धुरेकी से यूकेलिप्टिस की लकड़ी बेच कर लौट रहा था। रास्ते में गुधनी मंदिर के पास चार व्यक्ति ट्रैक्टर पर बैठ गए। इन लोगों ने रास्ते में ट्रैक्टर रुकवा लिया और रघुवीर को ट्रैक्टर से खींच कर उतारने लगे। एक व्यक्ति ने ट्रैक्टर चालक पर जान से मारने के इरादे से फायर कर दिया। गोली ड्राइवर के पेट में लगी। विवेचना के दौरान बिल्सी थाने के गांव असौली के जयवीर, मूसाझाग के सर्वेश, आंगनपाल और नक्षत्रपाल के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने चारों के खिलाफ स्पेशल जज के कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। स्पेशल जज विकास कुमार ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी ज्ञान स्वरूप गुप्ता और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों को लूट और कातिलाना हमले का दोषी पाया। सभी को सात-सात साल कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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