-फूड विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सैँपिल भरे
यूटिलिटी गाड़ी में भरकर ले जाए जा रहे देसी घी के 54 पीपे पुलिस ने मिलावटी होने की आशंका में कब्जे में ले लिए। मामले की सूचना पर फूड विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घी के नमूने भरे। पुलिस ने बताया कि सैंपिल जांच के लिए भेजे जाएंगे इसके बाद जांच में जो आएगा उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
थाना पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी थी कि सखानू में मिलावटी देसी घी तैयार किया जाता है। इस घी को बड़े पैमाने पर बेचा जाता है। पुलिस को सूचना मिली थी कि शुक्रवार की सुबह मिलावटी देसी घी को एक यूटिलिटी गाड़ी से बिक्री के लिए ले जाया जाएगा। मुखबिर की बात पर यकीन करके पुलिस ने जाल बिछा दिया। कुछ ही देर में पुलिस ने मुखबिर की बतायी गाड़ी को पकड़ लिया। पुलिस गाड़ी के चालक और उसमें बैठे दो लोगों के लेकर थाने पहुंची। पूछताछ के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी खाद्य विभाग को दी। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी जवाहर लाल और चंद्र विजय सिंह अपने सहायक राम प्रकाश शर्मा के साथ थाने पहुंचे। टीम ने थाने में मौजूद घी के सैंपिल लिए। इंस्पेक्टर इंद्रेश सिंह ने बताया कि खाद्य विभाग की टीम घी के सैंपिल ले गई है। जांच के बाद जो भी सामने आएगा उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्य खाद्य सुरक्षा निरीक्षक अक्षय गोयल ने बताया कि सभी 54 पीपों में से दो सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
सत्ता से जुड़े लोगों के घनघनाते रहे फोन
अलापुर। सखानू से घी पकड़े जाने के बाद सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के फोन घनघनाते रहे। सूत्रों की माने तो पकड़े गए लोगों और घी को छुड़ाने के लिए कई सफेदपोश नेताओं के फोन आए।
बड़े पैमाने पर होता है मिलावट का धंधा
अलापुर। कस्बा सखानू यों तो पहले से ही गोकशी के लिए बदनाम है। यह कस्बा मिलावट के नाम से भी कम चर्चित रहा है। यहां पर मसाले भी मिलावट करके पीसे जाते हैं और उन्हें मार्केट में बेच दिया जाता है। इस धंधे से जुड़े लोगों के यहां कई बार छापे पड़े, लेकिन मामला रफा-दफा हो जाता है। इतना ही नहीं देसी घी भी यहां पर बड़े पैमाने मिलावट करके तैयार किया जाता है।