कालाबाजारी को केरोसिन लेकर जा रहे ट्रैक्टर का पीछा करने पर कोटेदार के इशारे पर चालक ने सिपाही को कुचलकर मार दिया था। छह साल पहले हुए इस मामले में आज कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया। दोषी कोटेदार और चालक को उम्रकैद के साथ ही प्रत्येक पर 13-13 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
घटना धनारी थाना क्षेत्र की है। गांव नबावगंज निवासी कोटेदार मदन लाल राशन का केरोसिन कालाबाजारी करने को ट्रैक्टर से गांव कोठा की ओर ले जा रहा था। किसी ने पुलिस को इसकी सूचना दी। सिपाही आदित्य सिंह और कमल सिंह ने बाइक से ट्रैक्टर का पीछा कर उसे रोकने की कोशिश की। कोटेदार के इशारे पर चालक ने ट्रैक्टर को नहीं रोका और वह नबावगंज की ओर तेजी से ले जाने लगा। रात करीब साढ़े तीन बजे का मामला होने के कारण सिपाहियों ने टार्च की रोशनी डालकर चालक और कोटेदार को पहचान लेने की बात कही।इसी पर चालक ने दोनों सिपाहियों को ललकारते हुए उनकी बाइक पर ट्रैक्टर को चढ़ा दिया। सिपाही कमल सिंह की मौके पर ही म ौत हो गई। दूसरा सिपाही आदित्य घायल हो गया था। मौके का फायदा उठाकर चालक और कोटेदार भाग गया। कोटेदार द्वारा सिपाही की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर देने के सनसनीखेज मामले से इलाके के लोगों में दहशत फैल गई थी। सिपाही की हत्या के बाद तमाम पुलिस अफसर भी मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने आरोपी कोटेदार और चालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस मामले में हल्का दरोगा सच्चिदानंद राय ने आरोपी कोटेदार और चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई करते हुए प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नलिन कुमार श्रीवास्तव ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी प्रेम बाबू और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अभियुक्त कोटेदार मदनलाल और चालक पप्पू उर्फ रामबाबू पुत्र रामदास निवासी हिम्मतपुर को आजीवन कारावास के साथ ही दोनों पर 13-13 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।