‘जमीन पर कब्जा नहीं
मिला तो आत्मदाह’
-मुरावननगला के ग्रामीण की चेतावनी से प्रशासन में हड़कंप
अपने हिस्से की कृषि भूमि पर कब्जा दिलाने के लिए काफी समय से भटक रहे ग्रामीण टीकाराम शाक्य ने सोमवार को आत्मदाह की चेतावनी देकर प्रशासन में खलबली मचा दी। वह तहसील कार्यालय पहुंचकर राजस्व कर्मियों से भी मिला और बदायूं में डीएम कार्यालय भी गया। टीकाराम का कहना है कि अगर उसके हिस्से की जमीन की पैमाइश कर मेढ़बंदी अफसरों ने नहीं कराई तो वह 10 अप्रैल को दोपहर 12 बजे डीएम कार्यालय पर आत्मदाह कर लेगा।
टीकाराम कोतवाली क्षेत्र के गांव संजरपुर बालजीत के मजरा मुरावननगला (गुलड़िया नगला) का निवासी है। उसका कहना है कि उसकी पैतृक जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। कई साल पुराने मामले में टीकाराम के पक्ष में कोर्ट ने भी फैसला सुनाया था लेकिन उसी दौरान आरोपी पक्ष ने स्टे ले लिया। स्टे की मियाद खत्म हो जाने के बाद टीकाराम तहसील प्रशासन के अफसरों से मिला। पिछले साल जुलाई महीना में राजस्व कर्मियों की टीम ने जमीन की पैमाइश की। पैमाइश में टीकाराम का पक्ष मजबूत रहा लेकिन कब्जा आरोपियों का ही है। टीकाराम का कहना है कि 28 मार्च को तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल ने पुलिस की मौजूदगी में फिर पैमाइश की। दो बार पैमाइश और राजस्व कर्मियों के हस्तक्षेप पर जमीन पर कब्जे दिलाने के लिए जब कोई नतीजा सामने नहीं आया तो वह सोमवार को तहसीलदार सदर से मिला। परेशान टीकाराम ने उन्हें आत्मदाह करने का पत्र सौंप दिया। मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा है। उसने बताया-जमीन पर कब्जा नहीं मिलने की वजह से उसे अपने परिवार के साथ आर्थिक तंगी के दौर से गुजरना पड़ रहा है इसलिए परेशान होकर अब वह 10 अप्रैल को डीएम कार्यालय के सामने आत्मदाह करेगा। इसकी भनक लगते ही प्रशासनिक स्तर पर खलबली मची है।
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मामला हमारे संज्ञान में आया है। जिन लोगों पर टीकाराम ने आरोप लगाया है, वह उसी के कुनबे के हैं। तहसीलदार को मौके पर भेजकर जल्द ही टीकाराम को उसके हिस्से की भूमि पर कब्जा दिलवाएंगे।
-जंग बहादुर यादव, एसडीएम सदर