सहसवान, उसहैत में लगातार बिगड़ रहे हालात, बाढ़ खंड अलर्ट
शुक्रवार को भी नरौरा से छोड़ा गया 1.66 लाख क्यूसेक पानी
गंगा में उफान के चलते हालात अब खराब होने लगे हैं। अब तक सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है। हालांकि, बाढ़ खंड अब भी हालात काबू में होने की बात कह रहा है। शुक्रवार को भी गंगा में नरौरा बैराज से 166149 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा में उफान के चलते जल स्तर मीटर गेज पर 163.40 पर पहुंच गया है।
गंगा में नरौरा बैराज से पिछले चार दिनों से लगातार वाटर डिस्चार्ज किया जा रहा है। इससे जल स्तर में इजाफा हो रहा है। नगला अजमेरी, गंगा-महाबा, चंदनपुर-हुसैनपुर बांधों पर गंगा की तेज धारा सीधी टकरा रही है। उसहैत और सहसवान के करीब दो दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। तटवर्ती गांवों के लोगों ने गंगा के रौद्र रुख को देखते हुए सुरक्षित स्थानों का रुख करना शुरू कर दिया है। सहसवान क्षेत्र के गांव भमरौलिया, परौटी, परशुराम नगला, खागी नगला, वीरसहाय नगला, चौकीदार की मढ़ैया में बाढ़ का पानी घुस गया है। यहां भी काफी जमीन गंगा में समा चुकी है।
उसहैत में तेजी से कटान, कई गांवों संपर्क मार्ग कटे
उसहैत। गंगा में उफान की वजह से तटवर्ती गांवों के लिए खतरा पैदा हो गया है। करीब एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। कई गांव ऐसे हैं जिनके संपर्क मार्ग कट गए हैं। इससे गांवों के लोग भयभीत है।
क्षेत्र के गांव कोनका नगला से देवकी नगला जाने वाला संपर्क मार्ग बाढ़ से कट गया है। इसके अलावा चेतराम नगला और अटैना लिंक रोड पर भी कटान हुआ है। कटरा में हनुमान मंदिर के पास पश्चिम में कटान हो रहा है। कटरा में पप्पू लाला का करीब 15 बीघा खेत गंगा में समा गया है। इसी गांव के रामपाल, विश्राम सिंह, राम भरोसे की जमीनों को भी गंगा ने निगल लिया है। गांव के लोगों का कहना है कि बाद-बार सूचना दिए जाने के बाद भी अब तक बाढ़ खंड ने यहां सुध नहीं ली है। शुक्रवार को रोजगार सेवक प्रमोद यादव ने भी इस संबंध में बाढ़ खंड के अधिकारियों को बताया।
कटान रोकने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। नरौरा बैराज से लगातार वाटर डिस्चार्ज के चलते स्थिति कुछ बिगड़ी है। सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
-अरविंद कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड