डीजीसी साधना शर्मा हत्याकांड: गैरहाजिर होने की वजह से कोर्ट ने अर्जी कर दी खारिज
प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा हत्याकांड के मुख्य आरोपी पीसी शर्मा अदालत से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी पकड़ से बाहर है। हालांकि वारंट निरस्त कराने को उसे आज कोर्ट में हाजिर होना था लेकिन गिरफ्तारी के डर से वह नहीं आया। उसे गिरफ्तार करने को पुलिस पूरे समय कोर्ट परिसर में जमी रही। इधर, उसके वकील ने वारंट निरस्त करने को अदालत में अर्जी दी थी, किंतु उसके हाजिर न होने की वजह से अदालत ने उस अर्जी को खारिज कर दिया। बहुचर्चित हत्याकांड की सुनवाई अब 10 अक्तूबर को होगी।
प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा की 23 मई 2015 को उस वक्त हत्या कर दी गई थी जब वह जिला मुख्यालय से अपने घर उझानी स्कूटी से जा रहीं थीं। हालांकि आरोपियों ने हत्या को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी।
साधना की छोटी बहन अधिवक्ता विपर्णा गौड़ ने पीसी शर्मा समेत अन्य के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में कुछ आरोपी सलाखों के पीछे हैं। मुख्य आरोपी पीसी शर्मा की हाईकोर्ट के आदेश पर जमानत हो गई थी। पुलिस ने पीसी पर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। इस मामले में वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। इस पर कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर उसकी कुर्की भी कर दी।
हत्याकांड के मामले में वह अपने अधिवक्ता के जरिए हाजिर हो रहा था। इस पर वादिनी विपर्णा गौड़ ने कोर्ट में यह पत्र दिया था कि हाईकोर्ट का आदेश यह है कि हत्याकांड की त्वरित सुनवाई हो। इस पर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नलिन कुमार श्रीवास्तव ने संज्ञान लेते हुए आरोपी पीसी शर्मा के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। मंगलवार को पीसी शर्मा ने अपने अधिवक्ता रोहिताश सक्सेना के जरिए कोर्ट में अर्जी देकर गैर जमानती वारंट को निरस्त कराने की गुहार की थी। मगर पीसी खुद हाजिर नहीं हुआ सो कोर्ट ने अर्जी को खारिज कर दिया। बहुचर्चित मामले की सुनवाई 10 अक्तूबर को फिर होगी। पीसी शर्मा को गिरफ्तार करने के लिए पूरे कोर्ट परिसर में पुलिस तैनात रही।