बदायूं। जननी सुरक्षा योजनांतर्गत सीएचसी जगत में सबसे कम लाभार्थियों का भुगतान होने तथा बिना अनुमति के अवकाश पर जाने पर डीएम ने डॉक्टर पवन कुमार व उसावां सीएचसी के डॉक्टर कृष्ण कुमार को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा आसफपुर सीएचसी की आशा, स्टाफ नर्स, बिसौली स्टाफ नर्स की सेवा समाप्ति करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सोमवार को कलक्ट्रेट में डीएम दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की प्रगति रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। साथ ही सभी डॉक्टरों को कड़े निर्देश दिए कि सीएससी, पीएचसी पर ही रुककर गरीबों का इलाज करें, ताकि गरीब झोलाछाप डॉक्टरों से बच सकें।
उसावां सीएचसी के डॉक्टर कृष्ण कुमार के बैठक में न आने पर डीएम ने एसएचओ उसावां से फोन पर वार्ता कर तत्काल सीएचसी भेजकर निरीक्षण कराया, तो वह अनुपस्थित मिले। पता करने पर बताया गया कि वह स्वास्थ्य केंद्र मुख्यालय पर नहीं रुकते हैं। इसके चलते डॉक्टर कृष्ण कुमार को निलंबित कर दिया। जगत सीएचसी के डॉ. पवन कुमार भी बैठक के दौरान अनुपस्थित रहे, इसके चलते डीएम ने इनके निलंबन के निर्देश दिए। डीएम ने आसफपुर की स्टाफ नर्स ज्योति जेम्स, आशा और बिसौली की स्टाफ नर्स की सेवा समाप्ति के निर्देश भी दिए। डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिए कि जो आशाएं गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए प्राइवेट अस्पतालों में ले जाने का कार्य कर रही है, ऐसी आशाओं तथा जो स्टाफ नर्स बिना सोचे समझे प्राइवेट अस्पतालों को रेफर कर देती है, उनको चिह्नित कर उनकी भी सेवा समाप्त कर दी जाएं। गर्भवती महिलाओं का प्रसव हो जाने के बाद तत्काल उनके खाते में धनराशि भेजी जाए।
कहा कि सीएमओ जिला अस्पताल, महिला अस्पताल का रोजाना निरीक्षण करें। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सीएचसी, पीएचसी का निरीक्षण कर आख्या उपलब्ध कराएं। स्वास्थ्य विभाग के अधूरे कार्यों को एक सप्ताह में पूर्ण कर अगली बैठक में उपलब्ध कराएं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं की आपूर्ति बराबर रहे। डीएम ने सीएमओ राजेंद्र प्रसाद को निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई 10 दिनों के अंदर करा ली जाए। सभी अस्पतालों में कुत्ता काटने की दवा मौजूद रहे। इस मौके पर सीडीओ रमेश चंद्र, डॉ. मंजीत सिंह, डॉ. अनिल कुमार शर्मा, डॉ. कौशल गुप्ता, डॉ. गुंजन आदि मौजूद रहे।