- थाना उझानी के दहेमू में दो साल पहले विवाहिता को जलाकर हत्या की थी
अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय मधुलिका चौधरी ने दहेज हत्या में नामजद सास और देवर को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कैद सहित पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
दहेज हत्या की वारदात थाना उझानी के गांव दहेमू में 17 मार्च 2015 को हुई थी। रामपुर के थाना मिलक क्षेत्र के गांव कूप निवासी मुकेश सिंह पुत्र रामपाल सिंह ने 31 मार्च 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी पुत्री अंजली की शादी दहेमू निवासी प्रमोद पुत्र सत्यवीर सिंह के साथ की थी। शादी के बाद से अंजली को उसके ससुुराल वाले 50 हजार रुपये और बाइक दहेज में लाने को परेशान कर मारते-पीटते थे। अंजली को 17 मार्च 2015 को उसके पति प्रमोद सास पूरनदेई और देवर नन्हे उर्फ अरविंद ने मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। फोन पर सूचना मिलने पर वह अपनी पुत्री को जली हुई हालत में इलाज को बरेली ले गया। उसकी पुत्री अंजली की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। विद्वान न्यायाधीश मधुलिका चौधरी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मुकेश यादव और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद दहेज हत्या में नामजद सास पूरनदेई और देवर नन्हे उर्फ अरविंद को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कैद सहित पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।