बदायूं। विधानसभा चुनाव के दौरान विवादित बयान का वीडियो वायरल होने के मामले में सहसवान के सपा विधायक ब्रजेश यादव फंसते नजर आ रहे हैं। उस समय इस मामले में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी लेकिन विवेचना के दौरान तमाम लोगों की गवाही के बाद पुलिस ने विधायक ब्रजेश को आरोपी बनाकर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। विधायक ने इसे राजनीतिक द्वेष में की गई कार्रवाई बताया है।
सहसवान कोतवाली में तैनात एसआई मुकेश कुमार ने 20 जनवरी 2022 को आईटी एक्ट, आचार संहिता व कोविड प्रोटोकॉल उल्लंघन में एफआईआर दर्ज कराई थी। उनके मुताबिक सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा था। यह वीडियो कुछ लोगों ने ट्वीटर पर अपलोड किया था और एक न्यूज चैनल भी इसे दिखा रहा था। दरोगा ने दर्ज कराया था कि वायरल वीडियो में एक प्रत्याशी मंच पर खड़ा होकर बयान देते दिख रहा था। बयान विवादित था। इस तरह के बयान और इसके मीडिया में वायरल होने से चुनाव आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा था। मौके पर भीड़ से कोविड प्रोटोकॉल का भी उल्लंघन हो रहा था। हालांकि तब ब्रजेश यादव को इस मामले में नामजद नहीं किया गया था बल्कि अज्ञात में आईटी एक्ट व आचार संहिता उल्लंघन की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। फिर विवेचना के पहले पर्चे में ही ब्रजेश यादव का नाम शामिल कर दिया गया। अब सहसवान पुलिस ने ब्रजेश यादव के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
बता दें कि जब रिपोर्ट लिखी गई उस दौरान विधानसभा चुनाव चल रहा था। सभी नेता जनसभाएं कर रहे थे। मंच पर खड़े होकर मतदाताओं को रिझाने के लिए तीखे बयान दे रहे थे। इस वीडियो में एक प्रत्याशी कहते दिख रहा था कि अगर लड़के छोड़ दिए तो भाजपा नेता भागते दिखेंगे। जब यह वीडियो वायरल हुआ तो तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हुईं। उस पूर्व विधायक ब्रजेश यादव का नाम भी सामने आया। इस पर उस समय ब्रजेश यादव ने सफाई दी थी कि वीडियो काफी पुराना है, इसे नए तरीके से प्रचारित किया जा रहा है।
-
ये मामला विधानसभा चुनाव के दौरान का है। सहसवान कोतवाली पुलिस विवेचना कर रही थी। पुलिस ने वीडियो के आधार पर वैधानिक तरीके से विवेचना के बाद सहसवान विधायक के खिलाफ चार्जशीट लगाई है।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात
-
यह मामला विधानसभा चुनाव के दौरान का है। सहसवान कोतवाली पुलिस विवेचना कर रही थी। पुलिस ने वीडियो के आधार पर वैधानिक तरीके से विवेचना के बाद ही सहसवान विधायक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात
-
इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस से मेरी बात हुई थी। तब कहा गया था कि रिपोर्ट को खत्म कर दिया जाएगा। अब राजनीतिक द्वेष में चार्जशीट लगाई है। मैंने पहले भी कहा था कि वीडियो आचार संहिता लगने से काफी पहले अक्तूबर 2021 का है, इस समय कार्यकर्ताओं से संवाद में ऐसा हुआ था। अब पुलिस ने चार्जशीट लगाने से पहले मेरा बयान तक लेना उचित नहीं समझा, कोर्ट में सच साबित हो जाएगा।
- ब्रजेश यादव, विधायक सहसवान