बदायूं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार के लिए जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विवेक संगल ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
जिला जज ने कहा कि लोक अदालत एक पर्व है जहां पर पक्षकार अपने-अपने हितों के अनुरूप आपसी समझौते के आधार पर सस्ता एवं सुलभ न्याय प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त जिला जज ने बैंक अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आमजन अपने बैंक विवादों को आपसी समझौते के आधार पर निस्तारित करा सकते हैं। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिव कुमारी ने कहा कि न्यायालय में लंबित विवाद जैसे आपराधिक शमनीय वाद, एनआई एक्ट-धारा 138 मोटर दुर्घटना संबंधित वाद, वैवाहिक पारिवारिक विवाद श्रम संबंधी वाद, भूमि अधिग्रहण संबंधी वाद, किरायेदारी, ट्रैफिक चालान, राजस्व वाद, विद्युत बिल आदि विवादों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से करवा सकते हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय बदायूं एवं अपर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय द्वारा अपने न्यायालयों में 210 पारिवारिक विवादों का निस्तारण किया गया। मचला अग्रवाल, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 16 मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाओं का निस्तारण कर 94,35,000 रुपये की धनराशि पीड़ितों को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाई गई। उपभोक्ता फोरम द्वारा नौ वादों में से सात वादों का निस्तारण कर 20,40,242 रुपये की धनराशि पीड़ितों को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाई गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 2,039 मामलों का निस्तारण लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन से संबंधित वादों में विभिन्न बैंकों के 1,233 मामले, भारत संचार निगम लिमिटेड के 14, राजस्व संबंधित 349, 767 स्थानीय निकाय के मामले एवं अन्य प्रकार के 44,011 मामले थे। इस प्रकार 40,319 प्री-लिटिगेशन मामलों का एवं न्यायालयों में लंबित फौजदारी एवं सिविल वादों में 8,740 वादों का निस्तारण हुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 49,059 वादों का निस्तारण हुआ।
पिता ने जमीन पर लिया था केसीसी ऋण, अब मासूम पर 2.38 लाख का नोटिस
लोक अदालत में न्याय पाने को पहुंचा किशोर, आंखों में आंसूभर कर बोला साहब हम पर घर के अलावा कुछ नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। राष्ट्रीय लोक अदालत में दो माकले सामने आने के बाद वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। हालांकि अधिकारियों ने उसको तसल्ली दी और 90 हजार रुपये मात्र जमा कर नोड्यूज लेने की बात कही लेकिन उसने आंखों में आंसू भरकर कहा कि साहब हमारे पास मकान के अलावा कुछ नहीं है। जब भी बैंक के कर्मी घर जाकर आरसी काटने की धमकी देते हैं मां की हालत बिगड़ जाती है। मजबूर होकर लोक अदालत में न्याय की गुहार लगाने आया हूं। वहीं दिव्यांग भी परेशान दिखाई दिया।
बिल्सी क्षेत्र के गांव गुसाई बेहटा गांव के रहने वाले नत्थू लाल मौर्य के नाम पर नौ बीघा जमीन थी। उसके बेटे योगेंद्र शाक्य ने बताया कि पिता ने जमीन पर केसीसी ऋण लिया था। ब्याज लगाकर अब वह 2.38 लाख रुपये हो गया है। पिता शराब व जुए के आदी थे। उन्होंने पूरी जमीन बेच दी। अब उसके पास घर के अलावा कुछ नहीं बचा है जिससे वह केसीसी की ऋण अदा कर सके। उसने अधिकारियों से ऋण माफ कराने की गुहार लगाई है। यहां उसको 90 हजार रुपये जमा करने को कहा गया लेकिन वह जमा नहीं कर सका।
दातागंज क्षेत्र के गांव बिरिया डांडी के रहने वाले वीरेश पाठक ने बताया कि वह दिव्यांग है। उसके भाई ने ऋण पर टेंपो खरीदा था। कई सालों से उसका टेंपो कबाड़ बनकर घर ही खड़ा है। उसको पता ही नहीं था कि उसके टेंपो पर टेक्स चल रहा है। अब टेंपो पर दो लाख रुपये का टेक्स को नोटिस मिला तो लोक अदालत में आया हूं। इनके मामले का निस्तारण नहीं हो सका है।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में जानकारी देते वीरेश पाठक। संवाद- फोटो : जिला न्यायालय में लगी राष्ट्रीय लोग अदालत में मौजूद वादकारी।
राष्ट्रीय लोक अदालत में जानकारी देते वीरेश पाठक। संवाद- फोटो : जिला न्यायालय में लगी राष्ट्रीय लोग अदालत में मौजूद वादकारी।