बदायूं। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने कैमुना क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के पूर्व निदेशक और चेयरपर्सन समेत सात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सभी पर कई लोगों के करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप है। फिलहाल यह सोसाइटी बंद हो चुकी है। नामजद आरोपी नदारद हैं। थाना पुलिस ने अभिकर्ताओं की तहरीर पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
बिनावर थाना क्षेत्र के गांव बरखेड़ा निवासी सत्यवीर सिंह और सिकरोड़ी निवासी बंटी कैमुना क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी में अभिकर्ता थे। सत्यवीर के मुताबिक शाखा कार्यालय इंदिरा चौक के नजदीक कदीर मार्केट में था। दोनों लोगों ने क्षेत्र के तमाम लोगों से संपर्क कर सोसाइटी में निवेश कराया। आरोप है कि जब उनके रुपये लौटाने की बारी आई तो सोसाइटी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने टालमटोल शुरू कर दी। उनका भुगतान नहीं किया गया। इस पर उन्होंने सोसाइटी के वर्तमान निदेशक अतुल कुलश्रेष्ठ से बात की। अतुल कुलश्रेष्ठ ने कुछ निवेशकों का भुगतान करने के लिए लखनऊ की एक बैंक के नाम के चेक दिए। जब निवेशक अपना भुगतान कराने बैंक पहुंचे तब उन्हें पता चला कि उनके चेक बाउंस हो गए हैं। सोसाइटी के खाते में रुपये ही नहीं है। वह खाता बंद चल रहा है।
आरोप है कि सोसाइटी के पूर्व निदेशक प्रदीप कुमार अस्थाना, चेयरपर्सन प्रार्थना अस्थाना, डायरेक्टर डीपी पाठक, एकाउंटेंट अभिनव पाठक, नीरज अस्थाना, जोनल मैनेजर सिद्धार्थ विक्रम अस्थाना और जोनल मैनेजर बरेली प्रवीन कुमार सिन्हा ने तमाम निवेशकों के करोड़ों रुपये हड़प लिए। सभी अपना-अपना पद छोड़कर भाग गए। यही नहीं सोसाइटी ने शाहजहांपुर में निवेशकों की राशि से जमीन भी खरीद ली। ऐसे में पुलिस ने अब मामला दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
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इससे पहले भी भाग चुकी हैं तमाम चिट फंड कंपनी
पल्स, कल्पवट और कल्पतरू नाम की चिट फंड कंपनियां हजारों लोगों के करोड़ों रुपये लेकर भाग चुकी हैं। इन कंपनियों के नाम एफआईआर दर्ज हैं लेकिन आज तक इन कंपनियों के मालिक नहीं पकड़े गए और न ही लोगों के रुपये वापस मिले हैं।
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इस मामले में तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। विवेचना कराई जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी