उझानी (बदायूं)। अहिरवारा गांव के बाहर पेड़ पर मंगलवार शाम पेड़ पर गमछे से लटके मिले किशोर विंकल के शव के मामले में बृहस्पतिवार पूरे दिन चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। एक दिन पहले तक परिजन की डांट से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर लेने जो बात कही गई, उसे लोग नकार तो नहीं रहे हैं लेकिन मौके के हालात देख परिजन सहज विश्वास भी नहीं कर पा रहे हैं।
मंगलवार शाम विंकल (14) पुत्र नीरपाल का शव नीम के पेड़ पर गमछे के फंदे से लटका मिला था। पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार करने के बाद से परिवार के लोग विंकल की मौत की असल वजह तलाशने में जुटे हैं। पूरे गांव में परिजन की डांट के बाद उसके आत्मघाती कदम उठाने के शोर के बीच ताऊ अजयपाल भी पसोपेश में हैं। ताऊ के मुताबिक- वह उस दिन कछला गए थे। शाम को विंकल की मौत की सूचना मिली तो घर लौट आए। अगले दिन बच्चों से लेकर ग्रामीणों से जानकारी की तो पता लगा कि विंकल पूर्वाह्न घर से निकला था। दो-तीन बच्चे साथ में थे। बच्चे तो घर लौट आए लेकिन विंकल नलकूप पर नहाने की कहकर आगे बढ़ गया। वह अकेला ही था। उसके पास गमछा भी नहीं था। मक्का के खेत में विंकल ने खुद ही भून कर भुट्ठे भी खाए थे। इसके बाद गांव निवासी एक बुजुर्ग महिला को भी वह मिला था।
घास की गठरी विंकल ने उठवाकर बुजुर्ग महिला के सिर पर रखवाई थी। फिर अचानक ऐसी क्या परिस्थितियां बन गई जो विंकल को आत्महत्या करनी पड़ गई। परिवार के अन्य सदस्य भी विंकल के आत्महत्या करने पर सहस विश्वास नहीं कर पा रहे हैं।