बदायूं। वजीरगंज में सरकारी जमीन कब्जाने के आरोपी भाजपा नेता के खिलाफ और बड़ी कार्रवाई होने वाली है। उसे भूमाफिया घोषित किया जा चुका है। अब उसकी संपत्ति जब्त करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने उसकी संपत्ति आकलन को राजस्व विभाग की टीम लगा दी है। जल्द ही उसकी संपत्ति जब्त की जा सकती है।
खुद को भाजपा नेता बताने वाले राहुल वार्ष्णेय के खिलाफ बृहस्पतिवार को सरकारी जमीन कब्जाने के आरोप में आठ मामले दर्ज कराए गए थे। चार मामलों में अकेले राहुल को नामजद किया गया था, जबकि चार मामलों में राहुल समेत करीब 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इन मामलों में रामलीला मैदान, बंजर भूमि, चक मार्ग, आबादी और कई तालाब कब्जा कर उस पर अवैध निर्माण करवाकर बेचने का जिक्र किया गया। हालांकि इनमें रामलीला मैदान कब्जाने का प्रकरण काफी पुराना है लेकिन सत्ताधारी एक विधायक का हाथ होने से उस पर कार्रवाई नहीं हुई थी। शुक्रवार रात उसके खिलाफ भूमाफिया के तहत और कार्रवाई कर दी गई।
अब जिला प्रशासन उसकी संपत्ति जब्त करने की तैयारी में है। इसके लिए राजस्व विभाग की पूरी टीम लगा दी गई है। उसके और उसके परिवार वालों के नाम दर्ज संपत्ति का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
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भूूमाफिया के मेडिकल स्टोर पर छापा, दवाइयों के सैंपल भरे
वजीरगंज (बदायूं)। भूमाफिया घोषित हो चुके राहुल वार्ष्णेय के मेडिकल स्टोर पर शनिवार शाम औषधि निरीक्षक और खाद्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारा। मेडिकल स्टोर से कई दवाओं, सिरप और सरसों के तेल के नमूने लिए गए। इसके अलावा तमाम कमियां पाई गई हैं। इसके तहत दोनों विभागों की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
शनिवार शाम औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार और खाद्य विभाग के अधिकारी धनंजय शुक्ला ने अपनी संयुक्त टीम के साथ कस्बे में आंवला रोड पर स्थित राहुल के मेडिकल स्टोर हरिबोल ट्रेडर्स पर छापा मारा। उस दौरान भाजपा नेता मेडिकल स्टोर पर मौजूद नहीं था। औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि हरिबोल ट्रेडर्स पर थोक में दवाइयां बेची जाती हैं लेकिन यहां फुटकर में दवाईयां बेची जा रही हैं। इसका लाइसेंस राहुल वार्ष्णेय के नाम पर है। यहां बिलबुक मौजूद नहीं पाई गई और न ही दवाइयों के बिल दिए जा रहे थे। इससे बहुत गड़बड़ी होने की आशंका है। मेडिकल स्टोर से कुछ दवाइयों और सिरप के अलावा सरसों के तेल के सैंपल लिए गए हैं। इस कार्रवाई के तहत मेडिकल स्टोर मालिक को नोटिस भेजा जाएगा। अगर जांच में सैंपल खराब पाए जाते हैं तो लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। फिलहाल दोनों विभागों की टीम इसकी जांच में जुटी है। स्टोर से पिछले दो साल के बिल भी मांगे गए हैं।
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सन 2020 में बदला मेडिकल स्टोर का नाम
भाजपा नेता के मेडिकल स्टोर का नाम पहले कुुमार मेडिकल स्टोर था लेकिन राजनीति में बढ़त बढ़ाने के दौरान सन 2020 में भाजपा नेता ने इसका नाम बदलकर हरिबोल ट्रेडर्स कर दिया। मेडिकल स्टोर का नाम बदलना भी एक चर्चा का विषय है।
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राहुल वार्ष्णेय के मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया था। यहां से बिलबुक, सेल बिल आदि नहीं मिले हैं और न ही सेल बिल दिए जा रहे थे। जिसके नाम लाइसेंस है, वह भी मौजूद नहीं था। छापा मारने के दौरान कई दवाओं, सिरप और सरसों के तेल का सैंपल लिया गया है। इसमें राहुल को नोटिस दिया जा रहा है।
- नवनीत कुमार, औषधि निरीक्षक