बदायूं। ई-वे बिल में हेराफेरी कर संभल के चंदौसी से वाराणसी ले जाए जा रहे 33 लाख से ज्यादा के मेंथा क्रिस्टल मामले में वाणिज्यकर विभाग ने संबंधित व्यापारी को नोटिस जारी कर सात दिन में पक्ष रखने का समय दिया है। व्यापारी का पक्ष जानने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शक यह भी है कि मेंथा क्रिस्टल किसी फर्जी नाम से खोली गई फर्म का हो सकता है। जीएसटी चोरी के बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।
वाणिज्यकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर, मोबाइल जितेंद्र गुप्ता की टीम ने वजीरगंज के पास एक टाटा 407 वाहन को पकड़ा था। इस वाहन से मेंथा क्रिस्टल के सौ टिन मिले इनकी कीमत 33 लाख रुपये से ज्यादा थी। चंदौसी की एक फर्म ने यह मेंथा क्रिस्टल टिन वाराणसी के लिए भेजे थे। ई-वे बिल जांचने पर पता लगा कि वाहन पांच मई को शाम सवा छह बजे चंदौसी से वाराणसी के लिए रवाना हुआ था। चंदौसी से वजीरगंज पहुंचने में इसे दो दिन से ज्यादा लग गए। ऐसे में अधिकारियों को शक हुआ।
बताते हैं कि वाहन चालक ने वाणिज्य कर विभाग की मोबाइल टीम को गुमराह करने की भी कोशिश की।
प्रारंभिक पड़ताल में यह भी सामने आया कि चंदौसी से वजीरगंज पहुंचने से पहले इस टाटा 407 की लोकेशन लखनऊ और रायबरेली में भी ट्रेस की गई। जीएसटी चोरी का शक होने पर वाहन को मय मेंथा क्रिस्टल कब्जे में ले लिया गया। अब तक चंदौसी की फर्म ने वाणिज्य कर विभाग से कोई संपर्क नहीं किया है। मंगलवार को संबंधित फर्म के लिए सात दिन का नोटिस जारी कर उससे अपना पक्ष रखने को कहा गया है। नोटिस का जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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संबंधित फर्म स्वामी को नोटिस जारी करते हुए सात दिन में पक्ष रखने को कहा गया है। यह फर्जी नाम से खोली गई फर्म के जरिये जीएसटी चोरी का मामला भी हो सकता है। फिलहाल मामले में जांच की जा रही है। फर्म स्वामी का पक्ष आने का इंतजार है। इसके बाद ही आगे की कोई कार्रवाई की जाएगी।
- जितेंद्र गुप्ता, असिस्टेंट कमिश्नर, मोबाइल, वाणिज्य कर विभाग