बिसौली (बदायूं)। बिसौली स्वास्थ्य केंद्र के पुराने भवन में शनिवार रात 30 वर्षीय स्वास्थ्य कर्मी देवेंद्र यादव ने फंदे से लटककर जान दे दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तब फोन पर वीडियो काल जारी थी। पुलिस की टीम उस युवती से पूछताछ कर रही है, जिससे बात हो रही थी। देवेंद्र के पिता ने हत्या की आशंका जताई है।
फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज थाना क्षेत्र के गांव कायमपुर निवासी देवेंद्र यादव पुत्र शिवाजी बदायूं में ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) के पद पर एबुलेंस में तैनात था। उसे बिसौली सर्किल दिया गया था। देवेेंद्र बिसौली स्वास्थ्य केंद्र के पुराने भवन के एक कमरे में रहता था। कोतवाली पुलिस के मुताबिक शनिवार रात देवेंद्र अपने कमरे में अकेला था। इस दौरान वह एक रिश्तेदार युवती से वीडियो कॉल पर बात कर रहा था। बातचीत के दौरान ही ईएमटी ने मोबाइल मेज पर रख दिया और कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वीडियो कॉल पर बात कर रही युवती इसके लिए उसे रोकती भी रही। इसके बाद में बात कर रही युवती के भाई ने पुलिस को सूचना दी। कुछ देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस वाले दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हुए। पर स्वास्थ्य कर्मी फंदे से लटक चुका था। उसके मोबाइल पर वीडियो कॉल तब भी चल रही थी। दूसरी ओर से बात कर रही युवती और उसके भाई ने पुलिस से भी बात की। पुलिस ईएमटी के शव को उतारकर स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रविवार को यहां पहुंचे ईएमटी के पिता ने हत्या की आशंका जताई है पर उन्होंने कोई तहरीर नहीं दी है। परिवार वाले ईएमटी के शव को अपने घर कायमपुर ले गए है।
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आत्महत्या के दौरान ही मिल गई थी परिवार और पुलिस को सूचना
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिस समय ईएमटी और रिश्तेदार युवती के बीच वीडियो कॉल चल रही थी। उसी दौरान ईएमटी ने जब आत्मघाती कदम उठाया तो युवती ने उसके परिवारवालों को जानकारी दी। पुलिस को भी सूचना दी गई, जिस पर पुलिस वाले तुरंत पहुंचे लेकिन तब युवक फंदे से लटक चुका था।
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बिसौली स्वास्थ्य केंद्र के पुराने भवन में युवक ने फंदे से लटककर जान दी है। पुलिस मौके पर पहुंची तो उसके मोबाइल पर वीडियो कॉल चल रही थी। युवक के शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। वीडियो कॉल पर क्या बातचीत हुई थी, इसके लिए युवती के घर पर पुलिस टीम को भेजा जा रहा है। उससे बात करने के बाद ही सच्चाई निकलकर सामने आएगी।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी