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सड़क हादसे में युवक और उसकी गर्भवती पत्नी की मौत

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उझानी में हादसे के बाद मौके पर लोगों से जानकारी करते प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान। संवाद - फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। कादरचौक रोड पर बाइक सवार दंपती को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक कोतवाली क्षेत्र के गांव सकरी जंगल निवासी मोहम्मद उमर और उसकी पत्नी महशर बानो की शिनाख्त परिवार के पहुंचने के बाद हुई। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दंपती के शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
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हादसा गांव फतेहपुर के नजदीक मंगलवार दिन 11:30 बजे हुआ। कोतवाली क्षेत्र के गांव सकरी जंगल निवासी मोहम्मद उमर (22) पुत्र मोहम्मद जान गर्भवती पत्नी महशर बानो (21) को दवा दिलाने और बैंक में खाता खुलवाने के लिए बाइक से निकले। निर्माणाधीन फिलिंग स्टेशन के पास अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दंपती को चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि पीछे बैठी महशर उछलकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। जबकि उमर के सीने में चोट लगी। उमर हेलमेट भी लगाए थे। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उमर की जेब में निकले ड्राइविंग लाइसेंस से जानकारी होने के बाद प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान ने सकरी जंगल के प्रधान को फोन किया। परिवार के लोग भी रोते-बिलखते आ गए। पुलिस के मुताबिक-अज्ञात वाहन के बारे में अभी पता नहीं लग पाया है। कुछ लोग हादसे की वजह किसी घोड़ा-बुग्गी को भी बता रहे हैं। मृतक उमर के ताऊ पूर्व नलकूप कर्मी फकीरउद्दीन ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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गर्भवती पत्नी की सुविधा को कादरचौक मार्ग चुना, फिर भी चली गई जान
उझानी (बदायूं)। उझानी आने-जाने को सकरीजंगल गांव का मुख्य रास्ता अढौली होकर रेलवे स्टेशन के पास निकलता है लेकिन पिछले कई महीने से रास्ते में गड्ढे होने की वजह से उमर ने गर्भवती पत्नी महशर बानो की सुविधा के लिए बनगवां होकर कादरचौक रोड को चुना। उमर को लगा कि वह पक्के रोड से निकलेगा तो गर्भवती पत्नी को दिक्कत नहीं होगी। कुदरत को तो कुछ और ही मंजूर था, दोनों की वाहन की चपेट में आने से जान चली गई।
मृतक उमर के परिजन के मुताबिक दिल्ली से करीब चार महीने पहले घर लौट आने के बाद उमर जब भी अकेले किसी काम से उझानी गया, अढौली होकर ही निकला। गर्भवती पत्नी को पिछले महीने उसने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाकर टीका लगवाया तो कादरचौक रोड से होकर गया। घर आने-जाने को उसने कादरचौक रोड इसीलिए चुना कि बाइक पर गर्भवती पत्नी को सड़क के गड्ढों से झटके नहीं लगेंगे।
बहनोई पप्पू ने बताया कि पिछले सप्ताह उमर को दिल्ली लौटना था लेकिन गर्भवती पत्नी की देखभाल की वजह से उसने काम पर जाने से इनकार कर दिया था। पिछले साल ही उसका शाहजहांपुर जिले के तिलहर क्षेत्र की महशर के साथ निकाह हुआ था। हादसे की जानकारी पाकर जो भी लोग मौके पर पहुंचे, सभी ने उमर के व्यवहार की तारीफ की। नौशाद ने बताया कि उमर इस हालत में पत्नी को पूरी तरह देथभाल करना चाहता था।
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दंपती की मौत से परिवार बदहवास
सकरी जंगल के मोहम्मद जान की सात संतानों में उमर मझला था। बड़ी तीन बहनों के निकाह के बाद उसका भी ब्याह हो गया। छोटी बहनों में रिजवाना और इमराना के अलावा भाई अरमान है। छोटे भाई-बहनों में किसी का निकाह नहीं हुआ है। बुजुर्ग पिता मोहम्मद जान और मां गुलशन हादसे में बेटा और बहू की मौत के बाद से बदहवास हैं। पिता के साथ मौके पर पहुंचे अरमान भाई और भाभी के शव देखकर बिलख पड़ा। बहनोई पप्पू ने बताया कि पिछली बार वह पत्नी के साथ बैंक में खाता खुलवाने गया था लेकिन आधार कार्ड में नाम गलत होने से संशोधन भी कराना था, इसलिए पत्नी को दवा दिलाने के अलावा मंगलवार का दिन चुना। संवाद
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