फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीजीसी साधना शर्मा हत्याकांड : आरोपियों की आवाज का नमूना लेने का कोर्ट ने दिया आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। करीब साढे़ पांच साल पहले प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा की घर जाते वक्त स्कूटी में टक्कर मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट महेंद्र सिंह तृतीय ने आरोपियों की आवाज का नमूना लेकर जांच के लिए भेजने का आदेश दिया है।
विज्ञापन

23 मई 2016 को प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा की कोर्ट से घर जाते समय टवेरा कार से टक्कर मारकर हत्या करने के मामले में पीसी शर्मा, उसकी पत्नी कमलेश शर्मा, मृतका की बहन, बहनोई सहित 12 लोगों के नाम प्रकाश में आए थे। पीसी शर्मा को जमानत मिलने के बाद हाईकोर्ट से जमानत रद्द हो गई थी। वर्तमान में पीसी शर्मा इसी मामले में लखीमपुर खीरी जेल में बंद है। विवेचक ने पूर्व में सीजीएम कोर्ट में आरोपी पीसी शर्मा, मोहब्बत और श्रवण की आवाज का नमूना लेने का आदेश दिया था। उसके बाद पत्रावली सेशन सुपुर्द हो गई। विवेचक ने न्यायाधीश एससी एसटी महेंद्र सिंह तृतीय की कोर्ट में मोहब्बत और श्रवण के वारंट जारी करने को प्रार्थना पत्र दिया था।
कोर्ट ने वादी विपर्णा गौड़, एडीजीसी सुधीर कुमार मिश्रा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आदेश दिया कि विवेचक एफएसएल लखनऊ में वॉइस सैंपलिंग की तिथि की सूचना आरोपी मोहब्बत और श्रवण को दें। विवेचक ने कोर्ट में दाखिल जिससे सीडी की आवाज और दोनों आरोपियों की आवाज का नमूना लेकर जांच करा सकें। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मोहब्बत और श्रवण नियत तिथि पर एफ़एसएल लखनऊ नहीं पहुंचते हैं तो न्यायालय वॉइस रिकॉर्डिंग की सीडी में जो आवाज है उसको मुलजिम की आवाज मान लेगा।
विज्ञापन

यह था मामला
23 मई 2016 को प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा की हत्या टवेरा गाड़ी से कुचलवाकर उस समय करा दी गई जब वह बदायू कोर्ट से वापस अपने घर उझानी स्कूटी से अपने नौकर बिहारी के साथ घर लौट रही थीं। हत्या की रिपोर्ट छोटी बहन विपर्णा गौड़ ने दर्ज करवाई जिसमें 12 मुल्जिम प्रकाश में आए। इनमें से मुख्य मुल्जिम पीसी शर्मा की हाईकोर्ट से जमानत निरस्त हुई जो इस मामले में लखीमपुर खीरी जेल में निरुद्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें