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नाटकीय ढंग से लौटा कुंवरपाल

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कादरचौक थाने में बैठा कुंवरपाल। संवाद - फोटो : BADAUN
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कादरचौक (बदायूं)। थाना क्षेत्र के जरासी गांव से पिछले तीन दिन से लापता कुंवरपाल मंगलवार तड़के नाटकीय ढंग से लौट आया। पुलिस के पूछने पर उसने सिर्फ यह बताया कि उसे दो लोग ले गए थे। आंखों पर पट्टी बांधकर रखा था। कहां ले गए और कहां रखा, इसके बारे में उसे कुछ पता नहीं है। पुलिस ने उसे थाने में बैठा लिया है और पूछताछ कर रही है।
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मामला 11 सितंबर की रात का है। रात करीब दो बजे जरासी निवासी शारदा ने यूपी 112 पुलिस को सूचना दी कि उसके घर में आठ दस बदमाश छत के रास्ते घुस आए हैं। उस दौरान वह अपने पति कुंवरपाल के नजदीक दूसरी चारपाई पर सो रही थी। जबकि उसके बच्चे छत पर सो रहे थे। बदमाशों ने पहले पति-पत्नी को बंधक बना लिया। फिर उन्होंने घर में रखे दो लाख रुपये और सोने चांदी के जेवर लूट लिए। बदमाश उसके पति कुंवरपाल को भी साथ ले गए। इस पर पुलिस ने मामले की छानबीन की तो प्रथम दृष्टतया ये मामला संदिग्ध लगा। इसके बावजूद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई। शारदा ने दूसरे दिन गांव के सात लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने पहले जांच करना जरूरी समझा।
इसके तहत सोमवार को पुलिस ने पूरे गांव में तलाशी अभियान चलाया। लोगों के घरों में रखे बक्से तक खंगाले गए। देर रात तक पुलिस ये अभियान चलाती रही लेकिन कुंवरपाल का कुछ पता नहीं चला। मंगलवार सुबह करीब चार बजे शारदा ने पुलिस को सूचना दी कि कुंवरपाल लौट आए हैं। इस पर पुलिस गांव पहुंच गई। कुंवरपाल गांव से कुछ दूर खेत में मेड़ पर बैठा मिला। उसने बताया कि उसे दो लोग उठाकर ले गए थे। वह कहां ले गए और कहां रखा। उसे कुछ पता नहीं है। इसकी तह तक जाने के लिए पुलिस ने कुंवरपाल को थाने में बैठा लिया।
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कहानी में कई जगह झोल, झूठ भी आया सामने
जिस समय शारदा ने पुलिस को बताया था कि कुंवरपाल का अपहरण कर लिया गया है। उस समय कुंवरपाल की बाइक घर में मौजूद नहीं थी। सुबह चार बजे उसकी बाइक भी घर में खड़ी मिली। इसके बारे में पत्नी से पूछा गया तो वह जवाब नहीं दे पाई। इसके अलावा अपहरण के दौरान बदमाशों की संख्या सात बताई गई लेकिन अब कुंवरपाल बदमाशों की संख्या दो बता रहा है। इससे दंपती की कहानी में कई झोल हैं।
...तो विरोधियों को फंसाने के लिए रचा षड्यंत्र
अपहरण के शोर से दो दिन पहले कुंवरपाल ने एक जगह पर निर्माण कराने की योजना बनाई थी। उसने निर्माण की शुरुआत भी करा दी थी लेकिन गांव के लोगों ने उसका विरोध करते हुए लेखपाल को सूचना देकर बुला लिया। पता चला कि कुंवरपाल उनकी जगह में निर्माण करा रहा था। इससे निर्माण रुकवा दिया गया। कुंवरपाल की पत्नी ने जिन लोगों के नाम लिखाए थे, यह वही लोग थे, जिन्होंने निर्माण का विरोध किया था।
जरासी गांव का कुंवरपाल मंगलवार सुबह मिल गया है। वह एक खेत में बैठा मिला। उसने अभी ये बताया है कि उसे दो लोग पकड़कर ले गए थे। उसे कहां रखा गया और कैसे ले गए। वह कुछ नहीं बता रहा है। उससे पूछताछ की जा रही है। उसके बाद ही हकीकत सामने आएगी।
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-प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी
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