बदायूं। रिटायर्ड फौजी आर्येंद्र पाल सिंह और उनके भतीजे गौरव की हत्या के मामले में परिवार वालों ने जो आशंका जताई थी। आरोपियों के पकड़े जाने के बाद उनसे पूछताछ में पुष्टि हो गई। आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से इस घटना को अंजाम दिया था। इसकी उन्होंने पहले से तैयारी कर ली थी। बृहस्पतिवार शाम मौका मिला तो उन्होंने कार से कुचलकर आर्येंद्र पाल सिंह और उनके भतीजे गौरव की हत्या कर दी। इसमें मुख्य आरोपी समेत तीन और लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अभी उनसे पूछताछ चल रही है। जबकि एक दिन पहले पकड़े गए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
इस्लामनगर के चिचैटा गांव निवासी आर्येंद्र पाल सिंह अपने दुश्मनों पर भारी पड़ रहे थे। इसका खुलासा उनकी हत्या के बाद पकड़े गए राशन डीलर सुरेंद्र और प्रधानी का चुनाव हारे आरोपी प्रेमपाल ने किया है। दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि आर्येंद्र पाल सिंह की हत्या के लिए उन्होंने पहले से योजना बनाई। आर्येंद्र पाल सिंह की रंजिश उनके चाचा सुभाष और रामभान से थी। आर्येंद्र पाल सिंह वर्ष 2005 से सक्रिय हुए थे। उस समय सुभाष, रामभान और आर्येंद्र पाल सिंह के पिता के बीच बंटवारा हुआ था। कुछ जगह कम ज्यादा होने पर उनके बीच रंजिश पनपने लगी। तभी आरोपियों के मन में आर्येंद्र पाल सिंह खटक रहे थे। इससे पहले सुभाष और रामभान जिस तरह से चाहते थे वह होता आया था। इस प्रधानी के चुनाव में सुभाष और आर्येंद्र पाल सिंह मैदान में उतरना चाहते थे लेकिन उनके गांव की एससी सीट हो गई। इससे दोनों लोगों ने अपने-अपने व्यक्तियों को मैदान में उतारा। इसमें आर्येंद्र पाल सिंह का प्रधान और बीडीसी सदस्य जीत गया था। इससे आरोपी और बौखला गए। उनके चिढ़ने की दूसरी वजह ये थी कि आर्येंद्र पाल सिंह ने बोली में तालाब पर कब्जा कर लिया था। दूसरे पक्ष के राजेंद्र पर कोटा रह गया था। अब उन्हें कोटा जाने का डर सता रहा था। इससे सुभाष और रामभान ने उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बनाई। बृहस्पतिवार को आर्येंद्र पाल सिंह गांव आए थे। इसके बारे में सभी को पता चल गया था। उनके लौटते समय आरोपियों ने आर्येंद्र पाल सिंह और उनके भतीजे गौरव की कार से कुचलकर हत्या कर दी।
पुुलिस ने शनिवार को मुख्य आरोपी सुभाष, रामभान और सुभाष के बेटे आशीष को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने भी अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने राशन डीलर सुरेंद्र और प्रधानी का चुनाव लड़े प्रेमपाल को जेल भेज दिया है। अभी दो आरोपी विनय और नरेंद्र नहीं पकड़े गए हैं। उनकी तलाश में टीमें लगा दी गई हैं।
-
पेड़ से टकरा गई गाड़ी, इसलिए खुल गया मामला
हत्यारोपियों का प्लान था कि वह आर्येंद्र पाल सिंह को कार से कुचलकर भाग जाएंगे। इससे उन्होंने आर्येंद्र पाल सिंह की बाइक में जोरदार टक्कर मारी थी लेकिन इससे आरोपियों की कार का अगला पहिया फट गया। उसका रिम भी टूट गया। आर्येंद्र पाल सिंह का एक हाथ कट गया और गाड़ी के पहिये और बोनट के बीच में जाकर फंस गया। गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। इससे आरोपी निकलकर भाग गए लेकिन वह गाड़ी को मौके से नहीं ले जा सके। इससे ये मामला खुल गया। अगर उनकी गाड़ी मौके पर न मिलती तो शायद इसका खुलासा होने में दिक्कत आ सकती थी।
-
सुरेंद्र को सता रहा था कोटा जाने का डर
आर्येंद्र पाल सिंह आरोपियों पर भारी पड़ रहे थे। इसका खुलासा खुद आरोपियों ने ही किया है। इसमें राशन डीलर सुरेंद्र ने एक और खुलासा किया है। उसका कहना है कि आर्येंद्र पाल सिंह ने प्रधानी और बीडीसी छिनवा दी थी। वह कह रहे थे कि अब राशन की दुकान रह गई है। अबकी बार इसे भी अपने पक्ष में करा लेंगे। इससे सुरेंद्र ने आरोपियों को साथ दिया था। उसे डर था कि आर्येंद्र पाल सिंह उसका कोटा भी छिनवा देंगे।
-
एक रिश्तेदार के घर में छिपा हुआ था सुभाष
मुख्य आरोपी सुभाष शनिवार दोपहर जगत पीपरी गांव से पकड़ा गया। बताते हैं कि वह अपने सजातीय पूर्व प्रधान के घर में छिपा हुआ था। इसकी सूचना पर पुलिस ने पूर्व प्रधान के घर को घेर लिया। इससे आरोपी को निकलने का मौका नहीं मिला और पकड़ा गया।
-
रिटायर्ड फौजियों में आक्रोश, कोताही बरती तो चुप नहीं रहेंगे
रिटायर्ड फौजी आर्येंद्र पाल सिंह की हत्या के मामले में क्षेत्र के रिटायर्ड फौजियों ने कहा है कि अगर इस मामले में पुलिस लापरवाही बरतेगी तो वह चुप नहीं रहेंगे। वह आंदोलन करेंगे और सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। शनिवार को काफी संख्या में रिटायर्ड फौजियों ने आर्येंद्र पाल सिंह को श्रद्धांजलि दी।
-
रिटायर्ड फौजी आर्येंद्र पाल सिंह और उनके भतीजे गौरव हत्याकांड में दो आरोपियों को पकड़कर जेल भेज दिया गया है। इसमें तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस टीमें लगा दी गई हैं। पकड़े आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्होंने सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया था।
-सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात
--
छात्र की हत्या के दोषियों को सजा की मांग
बदायूं। नेहरू इंटर कॉलेज रुदायन के छात्र अल्लहपुर चिचैटा निवासी गौरव कुमार गौतम की हत्या पर विद्यालय में शोक सभा का आयोजन किया गया। साथ ही दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्र की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। वहीं घटना के दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सजा दिए जाने की प्रशासन से मांग की गई।
इस अवसर पर आलोक पाठक, हरिशंकर त्रिपाठी, ब्रजकिशोर, आदेश कुमार, शराफत समीर, अमित कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद