बदायूं। करीब चार साल पुराने दहेज हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (महिलाओं के विरुद्ध अत्याचार) न्यायाधीश गोपालजी ने नामजद पति और सास को दहेज हत्या का दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर 26 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
थाना कादरचौक के ग्राम कटिन्ना बरचऊ निवासी मोहित गुप्ता पुत्र रामनिवास गुप्ता ने मूसाझाग थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उसने अपनी बहन ज्योति उर्फ तुलसी की शादी 16 फरवरी 2018 को थाना मूसाझाग के गांव गुलड़िया निवासी सुमित गुप्ता पुत्र सुंदरलाल गुप्ता से की थी। उसके पिता ने जमीन बेचकर करीब सात लाख रुपये शादी में खर्च किये थे। उसकी बहन ज्योति उर्फ तुलसी के ससुराल वाले दहेज में एक कार और एक लाख रुपये के अतिरिक्त दहेज की मांग करते थे। ज्योति की ससुराल वालों ने 25 जुलाई 2018 को उसकी बहन को फांसी पर लटकाकर हत्या कर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। पति और सास के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश गोपालजी ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी मुनेंद्र प्रताप सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुनकर पति सुमित गुप्ता और सास बृजेश कुमारी को दोषी ठहराया। कोर्ट ने पति और सास को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए दोनों पर 26 हजार रुपए का जमाना भी लगाया है।