बदायूं। साढ़े पांच साल पुराने दुष्कर्म के मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट तृतीय सुबोध वार्ष्णेय ने युवती के फुफेरे भाई को दोषी ठहराते हुए 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस मामले में मुजरिम की मां, भाइयों और एक अन्य महिला रिश्तेदार को गाली गलौज व जान से मारने की धमकी देने के आरोप से बरी कर दिया गया।
अलापुर थाना क्षेत्र की एक महिला ने आठ अक्तूबर 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके मुताबिक उसकी बेटी घर पर अकेली थी, तभी ननद का लड़का उसकी बेटी को अपने घर बुलाकर ले गया। उसने बेटी के साथ दुष्कर्म किया। कुछ देर बाद महिला अपनी बेटी को तलाश करते हुए जब वहां पहुंची तो आरोपी उसे धक्का देकर भाग गया। महिला की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी और उसकी मां, दो भाई और एक महिला रिश्तेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। पुलिस ने विवेचना के बाद फुफुेरे भाई के खिलाफ दुष्कर्म में और उसके परिजन के खिलाफ जान से मारने और गाली गलौज के आरोप में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट सुबोध वार्ष्णेय ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सीपी सिंह, प्रदीप भारती और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने नामजद आरोपी को दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया। कोर्ट ने आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।