बदायूं। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से जिले में एक मॉडल इंटर कॉलेज और प्रत्येक ब्लॉक में मॉडल जूनियर हाईस्कूल बनाए जाएंगे। इसको लेकर शासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं। ।
बेसिक शिक्षा विभाग ने बेहतर शिक्षा देने की दिशा में एक और कदम उठाया है। ऐसे में अब बेसिक शिक्षा विभाग कक्षा एक से आठ तक की ही कक्षाएं ही संचालित नहीं करेगा, बल्कि इंटर कॉलेज भी चलाएगा। हालांकि जिले में एक मॉडल इंटर कॉलेज और प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक मॉडल जूनियर हाईस्कूल खोले जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार इंटर कॉलेज में बेसिक विद्यालय के पढ़े हुए बच्चों के ही दाखिले कराए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार इंटर कॉलेज को संचालित करने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की मदद नहीं ली जाएगी, बल्कि इंटर कॉलेज के लिए नए शिक्षकों की भर्ती होगी, जिसका भुगतान भी बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से किया जाएगा। विभागीय अधिकारी के अनुसार इससे बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षा का स्तर पहले से और भी ज्यादा अच्छा होगा। संवाद
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माध्यमिक शिक्षा परिषद के कॉलेज से होगा सीधा मुकाबला
यूपी बोर्ड में अब तक माध्यमिक शिक्षा परिषद के इंटर कॉलेजों का एकाधिकार है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि माध्यमिक शिक्षा परिषद के इंटर कॉलेज को बेसिक विभाग का मॉडल इंटर कॉलेज सीधी टक्कर देगा। अमूमन देखा गया है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के पास कॉलेजों में सुविधा मुहैया कराने के लिए बजट का रोना रहता है। यहां तक कि अधिकतर इंटर कॉलेजों में पूरे स्टाफ से लेकर फर्नीचर तक नहीं है, जबकि इसके विपरीत बेसिक शिक्षा विभाग के पास परिषदीय स्कूलों की दिशा और दशा सुधारने के लिए हर साल मोटी धनराशि कंपोजिट ग्रांट के नाम पर आती है। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग के इंटर कॉलेज में सुविधाएं बेहतर मिलने की उम्मीद है।
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जिले में एक मॉडल इंटर कॉलेज और प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक मॉडल जूनियर हाईस्कूल खोले जाएंगे। इससे बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षा स्तर में पहले की अपेक्षा और भी ज्यादा सुधार आएगा।
-डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी